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टीबी मरीज की सूचना देने पर डाक्टर को मिलेंगे एक हजार
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अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार गंभीर है। प्रत्येक मरीज को मुफ्त इलाज के साथ बेहतर खानपान के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, अब टीवी मरीज की सूचना देने वाले निजी चिकित्सकों को भी एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसका मकसद है कि क्षय रोग नियंत्रण विभाग में हर मरीज का डाटा दर्ज किया जा सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार 2025 तक टीबी उन्मूलन की तैयारी में लगी है। मरीजों को चिह्नित करने के लिए दो बार अभियान चलाया जा चुका है जिसमें 289 नए रोगी मिले हैं। इसके पहले जिले में 1726 मरीज थे। अब कुल मरीजों की संख्या 2015 हो गई है। सरकार की कोशिश है हर मरीज का विवरण विभाग के पास हो। इसके लिए टीबी मरीज की सूचना देने वाले निजी डाक्टर को प्रोत्साहन राशि एक हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है। सूचना देने पर पांच सौ रुपये तत्काल डाक्टर के खाते में हस्तांतरित कर दिए जाएंगे जबकि पांच सौ रुपये मरीज का देखरेख में उपचार पूरा करने पर दिए जाने का प्रावधान है। डाक्टरों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे वह अस्पताल आने वाले मरीज का विवरण रखें और उसकी सूचना क्षय रोग विभाग को भी दें।
इसके अलावा सरकार टीबी मरीजों के बेहतर खानपान के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दे रही है। जिससे इलाज के दौरान वह पौष्टिक खाने की व्यवस्था कर सकें। कोआर्डिनेटर अनुराग तिवारी ने बताया कि निजी चिकित्सकों को प्रोत्साहन राशि की जानकारी दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी की दवा सरकारी अस्पतालों में बनाए गए डाट्स केंद्रों पर निशुल्क दी जाती है।
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टीबी मरीज की सूचना देने पर डाक्टर को मिलेंगे एक हजार
-हर मरीज का विवरण जुटाने की कोशिश कर रहा स्वास्थ्य विभाग
कानपुर देहात। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार गंभीर है। प्रत्येक मरीज को मुफ्त इलाज के साथ बेहतर खानपान के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, अब टीवी मरीज की सूचना देने वाले निजी चिकित्सकों को भी एक हजार रुपये दिए जाएंगे। इसका मकसद है कि क्षय रोग नियंत्रण विभाग में हर मरीज का डाटा दर्ज किया जा सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार 2025 तक टीबी उन्मूलन की तैयारी में लगी है। मरीजों को चिह्नित करने के लिए दो बार अभियान चलाया जा चुका है जिसमें 289 नए रोगी मिले हैं। इसके पहले जिले में 1726 मरीज थे। अब कुल मरीजों की संख्या 2015 हो गई है। सरकार की कोशिश है हर मरीज का विवरण विभाग के पास हो। इसके लिए टीबी मरीज की सूचना देने वाले निजी डाक्टर को प्रोत्साहन राशि एक हजार रुपये दिए जाने की व्यवस्था की गई है। सूचना देने पर पांच सौ रुपये तत्काल डाक्टर के खाते में हस्तांतरित कर दिए जाएंगे जबकि पांच सौ रुपये मरीज का देखरेख में उपचार पूरा करने पर दिए जाने का प्रावधान है। डाक्टरों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। जिससे वह अस्पताल आने वाले मरीज का विवरण रखें और उसकी सूचना क्षय रोग विभाग को भी दें।
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इसके अलावा सरकार टीबी मरीजों के बेहतर खानपान के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दे रही है। जिससे इलाज के दौरान वह पौष्टिक खाने की व्यवस्था कर सकें। कोआर्डिनेटर अनुराग तिवारी ने बताया कि निजी चिकित्सकों को प्रोत्साहन राशि की जानकारी दी जा रही है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि टीबी की दवा सरकारी अस्पतालों में बनाए गए डाट्स केंद्रों पर निशुल्क दी जाती है।
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टीबी मरीज की सूचना देने पर डाक्टर को मिलेंगे एक हजार
-हर मरीज का विवरण जुटाने की कोशिश कर रहा स्वास्थ्य विभाग