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रैगिंग में 11 छात्रों को यूनिवर्सिटी से निकाला गया
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 16 Sep 2015 02:30 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी कैंपस के विभिन्न कोर्सों में एडमिशन लेने वाले फर्स्ट ईयर के स्टूडेंटों के साथ रैगिंग करने वाले यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) के बीटेक सेकेंड ईयर और थर्ड ईयर के 11 सीनियर स्टूडेंटों को मंगलवार को एक महीने के लिए हॉस्टल और कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया।
इसकी सूचना संबंधित स्टूडेंटों के घर भी भेजी गई है। इस तरह की कार्रवाई पहली बार की गई है। इससे यूनिवर्सिटी कैंपस में हड़कंप का माहौल है। यूनिवर्सिटी कैंपस के अलग-अलग कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों को सीनियरों ने 18, 19 अगस्त की रात में धर दबोचा और ब्वायज हॉस्टल में ले जाकर उनके साथ रैगिंग की।
जूनियरों के कपड़े उतरवाए और डांस कराया। साथ ही कहा कि एक तरह का कपड़ा पहने और बाल छोटे-छोटे कराके क्लास में आएं। इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर डॉ. नीरज सिंह को मिली। उन्होंने हॉस्टल वार्डेन डॉ. आरएन कटियार, डॉ. आरपी सिंह को लेकर ब्वायज हॉस्टल में छापा मारा। एक-एक कमरे की तलाशी ली। तब पता चला कि कमरों में जूनियरों को बंधक बनाकर रखा गया है।
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बाद में जूनियरों को छुड़ाकर मामले की जांच प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी गई। इस मामले को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने विस्तृत जांच की। जूनियर और सीनियरों का बयान दर्ज करके मंगलवार को दोषी 11 स्टूडेंटों को यूनिवर्सिटी कैंपस के संबंधित विभाग और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। अब ये छात्र एक महीने तक कैंपस से बाहर रहेंगे। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्टूडेंटों को रैगिंग में पकड़ा गया था, उन्हें दोबारा हॉस्टल नहीं दिया जाएगा।
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इसकी सूचना संबंधित स्टूडेंटों के घर भी भेजी गई है। इस तरह की कार्रवाई पहली बार की गई है। इससे यूनिवर्सिटी कैंपस में हड़कंप का माहौल है। यूनिवर्सिटी कैंपस के अलग-अलग कोर्स में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंटों को सीनियरों ने 18, 19 अगस्त की रात में धर दबोचा और ब्वायज हॉस्टल में ले जाकर उनके साथ रैगिंग की।
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जूनियरों के कपड़े उतरवाए और डांस कराया। साथ ही कहा कि एक तरह का कपड़ा पहने और बाल छोटे-छोटे कराके क्लास में आएं। इसकी सूचना चीफ प्रॉक्टर डॉ. नीरज सिंह को मिली। उन्होंने हॉस्टल वार्डेन डॉ. आरएन कटियार, डॉ. आरपी सिंह को लेकर ब्वायज हॉस्टल में छापा मारा। एक-एक कमरे की तलाशी ली। तब पता चला कि कमरों में जूनियरों को बंधक बनाकर रखा गया है।
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बाद में जूनियरों को छुड़ाकर मामले की जांच प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी गई। इस मामले को लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने विस्तृत जांच की। जूनियर और सीनियरों का बयान दर्ज करके मंगलवार को दोषी 11 स्टूडेंटों को यूनिवर्सिटी कैंपस के संबंधित विभाग और हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया। अब ये छात्र एक महीने तक कैंपस से बाहर रहेंगे। चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन स्टूडेंटों को रैगिंग में पकड़ा गया था, उन्हें दोबारा हॉस्टल नहीं दिया जाएगा।