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Kannauj News: ग्राम पंचायतों में वाटर रिचार्जिंग पिट बनेंगे
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तालग्राम। भूजल स्तर बढ़ाने के लिए अब ग्राम पंचायतों में वाटर रिचार्जिंग पिट बनाए जाएंगे। इससे धरती की कोख पानी से भरेगी।पहले चरण में डार्क जोन घोषित ब्लाक तालग्राम में सात ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। इन गांवों में वर्षा जल के साथ-साथ गांवों से नालियों के लिए निकलने वाले प्रदूषित (वेस्ट) पानी को फिल्टर करने के बाद उसका प्रयोग भूजल स्तर बढ़ाने में किया जाएगा। पिट के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कई जगह कार्य भी शुरू हो गया है।
विकास खंड तालग्राम में भूजल दोहन जारी है। इससे भूजल स्तर लगातार नीचे सिखक रहा है। ब्लाक को डार्क जोन भी घोषित किया जा चुका है। डेढ़ दशक पहले तक जहां 80 से 100 फीट तक की गहराई में बोर करने पर पर्याप्त पानी मिल जाता था। वहीं अब 200 फीट में पानी नहीं मिल रहा है।
गर्मी के दिनों में हैंडपंप पानी छोड़ दे रहे हैं। इस कारण अधिकांश गांवों में पेयजल की समस्या हो जाती है। हालांकि, भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रशासन की ओर से काम चल रहा है। इसके तहत ब्लाक के कई गांवों में टंकी का निर्माण कराया गया और सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और हैंडपंपों के पास सोख्ता पिट भी बनाएं जा रहे है। ब्लाक तालग्राम की अमोलर, तालग्राम देहात, मझपुर्वा, डुडवा बुजुर्ग, पंनगवा,ऊंचा, तेराजाकट समेत सात पंचायतों में वाटर रिचार्जिग पिट से जल संचय को बढ़ावा दिया जाएगा।
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एडीओ पंचायत रविप्रताप का कहना है कि पहले चरण में सात गांवों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जाएगी। इसके लिए गर्मी के दिनों में ही ग्राम पंचायतों का सर्वे किया गया था। अब टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। एक वॉटर रिचार्जिंग पिट के निर्माण पर 60 हजार से एक लाख रुपये तक की लागत आएगी। इसमें छोटे-बड़े दो तहत के पिट बनाएं जाने हैं।
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एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल का जल होगा संग्रहित
वॉटर रिचार्जिंग पिट में 150 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से लेकर एक हजार वर्ग मीटर तक के क्षेत्र का जल संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए कई जगह छोटे-छोटे और एक जगह बड़ी पिट बनाई जाएगी। ताकि भूजल रिचार्ज किया जाएगा। नालियों का पानी शुद्ध करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जाएगी।
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मच्छर जनित बीमारियां पर लगेगा अंकुश
जिन ग्राम पंचायतों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जा रही है, उन गांवों में पानी एकत्र नहीं होगा। इससे मच्छर जनित बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। इसका संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही कराया जाएगा।
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विकास खंड तालग्राम में भूजल दोहन जारी है। इससे भूजल स्तर लगातार नीचे सिखक रहा है। ब्लाक को डार्क जोन भी घोषित किया जा चुका है। डेढ़ दशक पहले तक जहां 80 से 100 फीट तक की गहराई में बोर करने पर पर्याप्त पानी मिल जाता था। वहीं अब 200 फीट में पानी नहीं मिल रहा है।
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गर्मी के दिनों में हैंडपंप पानी छोड़ दे रहे हैं। इस कारण अधिकांश गांवों में पेयजल की समस्या हो जाती है। हालांकि, भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रशासन की ओर से काम चल रहा है। इसके तहत ब्लाक के कई गांवों में टंकी का निर्माण कराया गया और सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और हैंडपंपों के पास सोख्ता पिट भी बनाएं जा रहे है। ब्लाक तालग्राम की अमोलर, तालग्राम देहात, मझपुर्वा, डुडवा बुजुर्ग, पंनगवा,ऊंचा, तेराजाकट समेत सात पंचायतों में वाटर रिचार्जिग पिट से जल संचय को बढ़ावा दिया जाएगा।
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एडीओ पंचायत रविप्रताप का कहना है कि पहले चरण में सात गांवों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जाएगी। इसके लिए गर्मी के दिनों में ही ग्राम पंचायतों का सर्वे किया गया था। अब टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। एक वॉटर रिचार्जिंग पिट के निर्माण पर 60 हजार से एक लाख रुपये तक की लागत आएगी। इसमें छोटे-बड़े दो तहत के पिट बनाएं जाने हैं।
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एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल का जल होगा संग्रहित
वॉटर रिचार्जिंग पिट में 150 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से लेकर एक हजार वर्ग मीटर तक के क्षेत्र का जल संग्रहित किया जाएगा। इसके लिए कई जगह छोटे-छोटे और एक जगह बड़ी पिट बनाई जाएगी। ताकि भूजल रिचार्ज किया जाएगा। नालियों का पानी शुद्ध करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जाएगी।
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मच्छर जनित बीमारियां पर लगेगा अंकुश
जिन ग्राम पंचायतों में वॉटर रिचार्जिंग पिट बनाई जा रही है, उन गांवों में पानी एकत्र नहीं होगा। इससे मच्छर जनित बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। इसका संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही कराया जाएगा।