{"_id":"69e3deb974cbc7747a07006a","slug":"villagers-protest-against-smart-meters-demand-postpaid-meter-installation-kannauj-news-c-214-1-knj1005-147799-2026-04-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: स्मार्ट मीटर के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, पोस्टपेड लगवाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: स्मार्ट मीटर के विरोध में ग्रामीणों का प्रदर्शन, पोस्टपेड लगवाने की मांग
Sun, 19 Apr 2026 01:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sun, 19 Apr 2026 01:12 AM IST
विज्ञापन
सौरिख। ग्राम बहादुरपुर में शनिवार दोपहर स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। कई लोगों ने एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और पुराने पोस्टपेड मीटर दोबारा लगाने की मांग की।
ग्राम बहादुर निवासी बंटी, अरविंद सिंह, सुरजीत सिंह, पप्पू, राकेश सिंह, सुनील दिवाकर, गौरव सिंह, पुन्नी पांडे सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकांश लोग खेती-किसानी और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, ऐसे में बार-बार रिचार्ज कर पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। आरोप है कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत काट दी जाती है। दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीण रवि मिश्रा ने बताया कि मीटर लगाए जाते समय इसे पोस्टपेड बताया गया था, लेकिन दो-तीन महीने बाद ही यह स्मार्ट प्रीपेड सिस्टम में बदल गया। इससे लोगों में असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों ने दोबारा पुराने मीटर लगाए जाने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम बहादुर निवासी बंटी, अरविंद सिंह, सुरजीत सिंह, पप्पू, राकेश सिंह, सुनील दिवाकर, गौरव सिंह, पुन्नी पांडे सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अधिकांश लोग खेती-किसानी और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, ऐसे में बार-बार रिचार्ज कर पाना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। आरोप है कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति तुरंत काट दी जाती है। दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण रवि मिश्रा ने बताया कि मीटर लगाए जाते समय इसे पोस्टपेड बताया गया था, लेकिन दो-तीन महीने बाद ही यह स्मार्ट प्रीपेड सिस्टम में बदल गया। इससे लोगों में असंतोष बढ़ गया है। ग्रामीणों ने दोबारा पुराने मीटर लगाए जाने की मांग की।
विज्ञापन