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Kannauj News: जनगणना में पिछड़ों के लिए अलग कॉलम की मांग
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छिबरामऊ। आगामी जनगणना को लेकर जातिगत आंकड़े जुटाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता प्रोफेसर डॉ. रामबक्स सिंह वर्मा ने जनगणना प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग की। गुरुवार को अपने आवास पर पत्रकारों से उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों की सटीक संख्या सामने आने से सामाजिक कल्याण योजनाओं और बजट आवंटन को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि जनगणना में सामान्य वर्ग, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की संख्या के स्पष्ट आंकड़े जुटाने चाहिए। ओबीसी की सभी जातियों की अलग-अलग और सामूहिक संख्या भी सामने आनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में पिछड़े वर्ग की आबादी 54 प्रतिशत है, जबकि उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है।
उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों के अभाव में योजनाओं का लाभ और बजट आवंटन प्रभावित हो सकता है। सरकार से जनगणना प्रपत्र में पिछड़ों के लिए अलग कॉलम का प्रावधान करने की मांग की गई। इस दौरान योगाचार्य सत्यराम यादव, भारत सिंह प्रजापति, डॉ. सीबी सिंह शाक्य, श्रीपाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जनगणना में सामान्य वर्ग, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की संख्या के स्पष्ट आंकड़े जुटाने चाहिए। ओबीसी की सभी जातियों की अलग-अलग और सामूहिक संख्या भी सामने आनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में पिछड़े वर्ग की आबादी 54 प्रतिशत है, जबकि उन्हें 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है।
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उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़ों के अभाव में योजनाओं का लाभ और बजट आवंटन प्रभावित हो सकता है। सरकार से जनगणना प्रपत्र में पिछड़ों के लिए अलग कॉलम का प्रावधान करने की मांग की गई। इस दौरान योगाचार्य सत्यराम यादव, भारत सिंह प्रजापति, डॉ. सीबी सिंह शाक्य, श्रीपाल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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