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अधूरा पुल ढाएगा कहर
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:07 AM IST
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तिर्वा-औरैया मार्ग पर निचली गंग नहर पर टूटे पुल की
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जगह नए पुल का निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य अक्तूबर गुजरने के बाद तीन
महीने बाद भी अधूरा पड़ा है। इससे रोजाना 10 हजार से अधिक लोगों को आवागमन
में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं होने वाली बोर्ड परीक्षा के दौरान भी नहर के आरपार जाने में परीक्षार्थियों को मुश्किलों से जूझना पड़ेगा। उमर्दा निवासी सर्वेश यादव ने बताया कि वर्ष 14 में नहर पुल टूट गया था। तब वर्तमान सांसद डिंपल यादव ने पुल निर्माण के लिए मंजूरी देकर दो करोड़ से ज्यादा रुपये का बजट एक साथ दे दिया।
सेतु निगम को अक्तूबर 15 तक पुल निर्माण के निर्देश दिए थे। एक्सईएन, तत्कालीन एडीएम समेत अन्य अफसरों ने लक्ष्य के अनुरूप पुल बनाकर पूर्ण कर देने के दावे किए थे, जो हवाई निकले। इस बाबत ग्रामीणों ने बताया कि समय सीमा बीतने के तीन साल बाद भी पुल बनने का काम कछुआ गति से चल रहा है।
बताया कि जनता परेशान हो रही है, पर स्थानीय नेता व अफसर उदासीन हैं। बताया कि कई बार मांग करने के बावजूद पुल बनाने में लगे कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। यही हाल रहा तो कई महीने और लग जाएंगे। इस कारण बाइक और चार पहिया वाहन चालक 10 से 15 किमी का रोजाना चक्कर लगाकर आने-जाने को मजबूर हैं।
इसके अलावा राजकीय इंटर कालेज समेत क्षेत्र में कई विद्यालय होने के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को भी आगामी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ेगा। इस बाबत सेतु निगम के एक्सईएन गेंदालाल का कहना है कि नहर पुल तेजी से बन रहा है।
वहीं होने वाली बोर्ड परीक्षा के दौरान भी नहर के आरपार जाने में परीक्षार्थियों को मुश्किलों से जूझना पड़ेगा। उमर्दा निवासी सर्वेश यादव ने बताया कि वर्ष 14 में नहर पुल टूट गया था। तब वर्तमान सांसद डिंपल यादव ने पुल निर्माण के लिए मंजूरी देकर दो करोड़ से ज्यादा रुपये का बजट एक साथ दे दिया।
सेतु निगम को अक्तूबर 15 तक पुल निर्माण के निर्देश दिए थे। एक्सईएन, तत्कालीन एडीएम समेत अन्य अफसरों ने लक्ष्य के अनुरूप पुल बनाकर पूर्ण कर देने के दावे किए थे, जो हवाई निकले। इस बाबत ग्रामीणों ने बताया कि समय सीमा बीतने के तीन साल बाद भी पुल बनने का काम कछुआ गति से चल रहा है।
बताया कि जनता परेशान हो रही है, पर स्थानीय नेता व अफसर उदासीन हैं। बताया कि कई बार मांग करने के बावजूद पुल बनाने में लगे कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई जा रही है। यही हाल रहा तो कई महीने और लग जाएंगे। इस कारण बाइक और चार पहिया वाहन चालक 10 से 15 किमी का रोजाना चक्कर लगाकर आने-जाने को मजबूर हैं।
इसके अलावा राजकीय इंटर कालेज समेत क्षेत्र में कई विद्यालय होने के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को भी आगामी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान आवागमन में दिक्कतों का सामना भी करना पड़ेगा। इस बाबत सेतु निगम के एक्सईएन गेंदालाल का कहना है कि नहर पुल तेजी से बन रहा है।