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मनमाफिक आरक्षण को लगने लगे जुगाड़

Tue, 18 Aug 2015 11:33 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
अमर उजाला कन्नाैैज Updated Tue, 18 Aug 2015 11:33 PM IST
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trying to friendly reservation in election
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की रणभेरी बजते ही जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। सरकारी मशीनरी चुनाव से जुड़े हर काम को गंभीरता से निपटा रही है ताकि आयोग या शासन स्तर पर फजीहत न हो। फिलहाल सबसे ज्यादा जोर ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत सदस्य पद की सीटों का आरक्षण तय करने को लेकर है। जिला पंचायत राज विभाग आरक्षण का निर्धारण करने के लिए जरूरी तथ्य और आंकड़ों के ब्यौरे की बुकलेट बनाने में सक्रिय है।
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शासनादेश के अनुसार इस बार भी प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य व ग्राम सभा सदस्य पद का आरक्षण तय करने के लिए जातीय आंकड़ों व पिछले चुनाव में आरक्षण की स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसीलिए इन बिंदुओं पर सूचनाएं खंगालने में विभागीय कर्मचारी दिन-रात जुटे हैं। वहीं चुनाव लड़कर प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य पद की कुर्सी पर विराजमान होने के लिए नेता भी सक्रिय हैं।
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विभिन्न राजनैतिक दलों से जुड़कर सियासत की एबीसीडी सीखने वाले युवा भी ये पद पाना चाहते हैं। इसीलिए वे जानकारियां इकट्ठी करने के लिए डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं तमाम दावेदार विधायकों से लेकर असरदार जनप्रतिनिधि के दफ्तरों व घरों पर हाजिरी दे रहे हैं। डीपीआरओ कार्यालय सूत्रों की मानें तो बड़े नेता भी अपने चुनाव में इन कार्यकर्ताओं का सहयोग लेने के बदले में इनके मनमाफिक आरक्षण करने के लिए सिफारिशें भी कर रहे हैं।
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कोई फोन तो कोई लेटरपैड पर चिट्ठी लिखवाकर डीपीआरओ कार्यालय पहुंच रहा है। बड़े नेताओं को यह डर सता रहा है कि अभी पंचायत चुनाव में यदि उन्होंने इन दावेदारों को खुश न किया तो उन्हें आगे चलकर विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। यही वजह है कि दिग्गज नेताओं के दरबार से ज्यादातर लोग संतुष्ट होकर ही लौट रहे हैं।
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वर्जन--------------
निदेशालय से शासनादेश आ गया है। गाइडलाइन में निर्धारित निर्देशों व नियमानुसार ही आरक्षण होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय कमेटी आरक्षण प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी। 20 व 21 अगस्त को निदेशालय में वह प्रशिक्षण लेने जाएंगे। आला अफसर वहां जो भी आदेश देंगे उनका बिंदुवार पालन होगा।
-जेके केसरवानी, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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खास ग्रामसभाओं पर टिकी निगाहें
वैसे तो हर ग्राम पंचायत के आरक्षण को लेकर हायतौबा मची है, लेकिन नदसिया, चांदापुर, मतौली, उदैतापुर, अड़ंगापुर, निजामपुर, सौंसरापुर, कुसुमखोर, सैयदपुर सकरी, मलिकपुर, ठठिया, खानपुर, उद्देतपुर, हसेरन, रामपुर मझिला, गुगरापुर, जलालाबाद, ताहपुर, भुन्ना, जनखत, लाख बहोसी समेत कई चर्चित ग्राम सभाओं पर हर किसी की निगाहें टिकी हैं।

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वोटर लिस्ट देखने को जुट रही भीड़
कई ग्राम पंचायतों में अभी तक वोटर लिस्ट नहीं चस्पा की गई है। कुछ जगह नोटिस बोर्ड पर वोटर लिस्ट चस्पा होते ही अराजकतत्वों ने उसे गायब कर दिया है। ताकि दूसरे व प्रतिद्वंदी उम्मीदवार सूची न देख सकें। यही हाल ब्लाकों में भी है। इस वजह से परेशान लोग सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। मंगलवार को पूरे दिन सैकड़ों लोग विकास भवन पहुंचे और वोटर लिस्ट देखते रहे। जनता की सहूलियत के लिए यहां सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगवाई। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट कलेक्ट्रेट आकर देख सकता है।
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