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टिड्डी दल को लेकर जिले में अलर्ट
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कन्नौज। प्राकृतिक आपदा, कोरोना और मंदी की मार झेल रहे किसानों के लिए टिड्डी दल ने मुसीबत और बढ़ा दी है। यूपी के चित्रकूट, वाराणसी, जौनपुर समेत अन्य जिलों में टिड्डी दल के पहुंचने से जिले में भी अलर्ट जारी किया गया है। प्रमुख सचिव गुरुवार को कृषि विभाग के अधिकारियों के अपडेट लेते रहे।
कोरोना संक्रमण के बीच किसानों के ऊपर टिड्डी दल का संकट आया है। राजस्थान से टिड्डी दल के रूप में 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़कर चित्रकूट, वाराणसी, भदोई, चंदौली आदि जिलों में पहुंचा है। अगर पूर्वी हवाएं चलती रहीं तो इसके कन्नौज, फर्रुखाबाद आदि जिलों में भी पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन ने इस बाबत किसानों को अलर्ट जा
री किया है। इसके निपटने के लिए कृषि विभाग को तैयारी करने को कहा है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राम मिलन सिंह ने बताया कि टिड्डी का तीसरा और चौथा दल करीब दो किमी. लंबा और आधा किमी. चौड़ा है। जो फसलों को काफी तादात में खराब कर सकता है। यह हरी फसलों, सब्जी की फसल, बाग में एक साथ झुंड के रूप में बैठकर पत्तियों को खाकर नष्ट करता है।
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इसलिए किसान कीटनाशक दवा का इंतजाम कर लें। इसके अलावा टिड्डियों को धुआं करके, थाली, ढोल या टीन के डिब्बे पीटकर भगाया जा सकता है। अभी ये टिड्डी दल पड़ोसी जिलों तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना मिलती ही अपने विकास खंड की कृषि रक्षा इकाई या जिला कृषि रक्षा अधिकारी को सूचित करें।
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कोरोना संक्रमण के बीच किसानों के ऊपर टिड्डी दल का संकट आया है। राजस्थान से टिड्डी दल के रूप में 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़कर चित्रकूट, वाराणसी, भदोई, चंदौली आदि जिलों में पहुंचा है। अगर पूर्वी हवाएं चलती रहीं तो इसके कन्नौज, फर्रुखाबाद आदि जिलों में भी पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन ने इस बाबत किसानों को अलर्ट जा
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री किया है। इसके निपटने के लिए कृषि विभाग को तैयारी करने को कहा है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राम मिलन सिंह ने बताया कि टिड्डी का तीसरा और चौथा दल करीब दो किमी. लंबा और आधा किमी. चौड़ा है। जो फसलों को काफी तादात में खराब कर सकता है। यह हरी फसलों, सब्जी की फसल, बाग में एक साथ झुंड के रूप में बैठकर पत्तियों को खाकर नष्ट करता है।
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इसलिए किसान कीटनाशक दवा का इंतजाम कर लें। इसके अलावा टिड्डियों को धुआं करके, थाली, ढोल या टीन के डिब्बे पीटकर भगाया जा सकता है। अभी ये टिड्डी दल पड़ोसी जिलों तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना मिलती ही अपने विकास खंड की कृषि रक्षा इकाई या जिला कृषि रक्षा अधिकारी को सूचित करें।