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Kannauj News: मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवती ने दम तोड़ा
Sat, 24 Jun 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:39 AM IST
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तिर्वा। मेडिकल कॉलेज में पिछले सात दिनों से भर्ती मानसिक बीमार युवती का इलाज के दौरान निधन हो गया। मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने चंदा कर अंतिम संस्कार की रकम जुटाई। एंबुलेंस की मदद से अंतिम संस्कार के लिए शव को मेहंदीघाट भेज दिया।
दरअसल मेडिकल कॉलेज में सात दिन पूर्व एक अज्ञात व्यक्ति यहां एक युवती को इमरजेंसी वार्ड में छोड़कर चला गया था। डॉक्टरों ने युवती की मानिसक बीमारी को देखते हुए उसे भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया था। इलाज के तीन दिन बाद हालात में सुधार होने के बाद युवती ने डॉक्टरों को परिजनों के बारे में जानकारी दी थी। सूचना पर बृहस्पतिवार को पहुंचे परिजनों ने युवती को सही-सलामत देखकर खुशी जाहिर की थी और डॉक्टरों को आभार प्रकट किया था। हालांकि इलाज के दौरान ही शुक्रवार की दोपहर को युवती की मौत हो गई। आर्थिक स्थिति से कमजोर होने पर वह शव को घर ले जाने की हालत में नहीं थे। न ही उनके पास अंतिम संस्कार के लिए भी रकम थी। परिजनों की परेशानी देखकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर व स्टाफ ने आपस में चंदा कर परिजनों को 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। एंबुलेंस की व्यवस्था की गई व मेडिकल प्रशासन ने दाह संस्कार में मदद करने के लिए दो कर्मचारियों को परिजनों के साथ गंगा स्थित मेहंदीघाट भेजा गया।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने आपस में रकम इकट्ठा कर युवती के दाह संस्कार के लिए परिजनों को दिए हैं।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन करता लापरवाही तो युवती से न मिल पाते परिजन
मानिसक रूप से बीमार युवती की हालत बहुत ही गंभीर थी। युवती कुछ भी बताने की हालत में नहीं थी। मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विपुल सिंह की देखरेख में डॉ. विवेक सिंह ने इलाज किया, जिससे युवती की हालत में सुधार आने लगा। हालत में सुधार होने के बाद युवती ने परिजनों के बारे में जानकारी दी थी।युवती का इलाज करने वाले डॉ. विवेक कुमार ने 1500 रुपए की आर्थिक मदद कर इस पहल की शुरूआत की।
पुत्री की मौत के गम में बिगड़ा मानसिक संतुलन
गोरखपुर के बासगांव निवासी युवती सोनम के पिता दीपक व माता कलिंदा ने यहां आकर बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी एक साल पहले आजमगढ़ निवासी युवक से की थी। शादी के बाद पुत्री ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसकी मौत हो गई। अपनी नवजात बच्ची की मौत से सोनम का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। इसी को लेकर पति से विवाद हुआ था। ऐसी सूरत में परिजनों ने उसे ससुराल से बुलाकर अपने पास रख लिया था। इसी बीच 10 जून 23 को वह घर से निकली और भटक गई।
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दरअसल मेडिकल कॉलेज में सात दिन पूर्व एक अज्ञात व्यक्ति यहां एक युवती को इमरजेंसी वार्ड में छोड़कर चला गया था। डॉक्टरों ने युवती की मानिसक बीमारी को देखते हुए उसे भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया था। इलाज के तीन दिन बाद हालात में सुधार होने के बाद युवती ने डॉक्टरों को परिजनों के बारे में जानकारी दी थी। सूचना पर बृहस्पतिवार को पहुंचे परिजनों ने युवती को सही-सलामत देखकर खुशी जाहिर की थी और डॉक्टरों को आभार प्रकट किया था। हालांकि इलाज के दौरान ही शुक्रवार की दोपहर को युवती की मौत हो गई। आर्थिक स्थिति से कमजोर होने पर वह शव को घर ले जाने की हालत में नहीं थे। न ही उनके पास अंतिम संस्कार के लिए भी रकम थी। परिजनों की परेशानी देखकर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर व स्टाफ ने आपस में चंदा कर परिजनों को 12 हजार रुपये की आर्थिक मदद की। एंबुलेंस की व्यवस्था की गई व मेडिकल प्रशासन ने दाह संस्कार में मदद करने के लिए दो कर्मचारियों को परिजनों के साथ गंगा स्थित मेहंदीघाट भेजा गया।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने आपस में रकम इकट्ठा कर युवती के दाह संस्कार के लिए परिजनों को दिए हैं।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन करता लापरवाही तो युवती से न मिल पाते परिजन
मानिसक रूप से बीमार युवती की हालत बहुत ही गंभीर थी। युवती कुछ भी बताने की हालत में नहीं थी। मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विपुल सिंह की देखरेख में डॉ. विवेक सिंह ने इलाज किया, जिससे युवती की हालत में सुधार आने लगा। हालत में सुधार होने के बाद युवती ने परिजनों के बारे में जानकारी दी थी।युवती का इलाज करने वाले डॉ. विवेक कुमार ने 1500 रुपए की आर्थिक मदद कर इस पहल की शुरूआत की।
पुत्री की मौत के गम में बिगड़ा मानसिक संतुलन
गोरखपुर के बासगांव निवासी युवती सोनम के पिता दीपक व माता कलिंदा ने यहां आकर बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी एक साल पहले आजमगढ़ निवासी युवक से की थी। शादी के बाद पुत्री ने एक बच्चे को जन्म दिया जिसकी मौत हो गई। अपनी नवजात बच्ची की मौत से सोनम का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। इसी को लेकर पति से विवाद हुआ था। ऐसी सूरत में परिजनों ने उसे ससुराल से बुलाकर अपने पास रख लिया था। इसी बीच 10 जून 23 को वह घर से निकली और भटक गई।