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छतें बनीं झरना और कैंपस बने तालाब

Sat, 11 Jul 2015 11:43 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
अमर उजाला कन्नाैैज Updated Sat, 11 Jul 2015 11:43 PM IST
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Terraces became the waterfall and pond built campus
क्षेत्र के ग्राम लक्षीराम नगला में चार साल पहले बनी स्कूल की बिल्डिंग में पानी टपक रहा है। शुक्रवार रात भर हुई बारिश से कमरों में पानी भर गया है। शनिवार को टीचरों ने बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया। विद्यालय की हेड टीचर ने भवन निर्माण में हुई मानकों की अनदेखी की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है।
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प्राइमरी विद्यालय लक्षीराम नगला में वर्ष 2011 में स्कूल भवन का निर्माण कराया गया था। इंचार्ज हेड टीचर चंदा बानो ने बताया कि यहां 61 बच्चे पंजीकृत हैं। शनिवार को 55 बच्चे विद्यालय पढ़ने आए। उन्होंने बताया सुबह जब वह स्कूल खोलने पहुंची तो देखा परिसर में जलभराव है। कमरों में पानी भरा हुआ है। कमरे की छतें टपक रही हैं। इस पर उन्होंने सभी बच्चों को बरामदे में एक साथ बैठाकर पढ़ाने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया इस समस्या से अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। भवन निर्माण में पूरी तरह मानकों की अनदेखी की गई है।
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विद्यालय भवन के साथ बनाया गया किचन भी चटक गया है। इसी विद्यालय में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता गुप्ता ने बताया छत टपकने से कमरों में पानी भर गया है। विद्यालय के बच्चों के साथ ही उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को भी बैठाना पड़ा।
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बाउंड्रीवाल टूटी, गंदगी का साम्राज्य
प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल बनने के बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई थी। बाउंड्रीवाल पर प्लास्टर तक नहीं कराया गया था। पूरे परिसर में जलभराव और गंदगी का साम्राज्य है। विद्यालय का शौचालय दुर्दशाग्रस्त है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को परेशानी होती है। वह फिसलकर गिरने से चुटहिल हो जाते हैं।


बिजली और गैस कनेक्शन नहीं मिला
प्राथमिक विद्यालय लक्षीराम नगला में बिजली कनेक्शन नहीं है। न ही बिजली फीटिंग कराई गई है। यहां रसोईघर का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन गैस कनेक्शन नहीं है। एमडीएम चूल्हे पर बनता है। तैनात रसोइया रामदर्शनी, शशि शनिवार को चूल्हे पर बैगन, आलू की सब्जी बना रही थी। धुएं से उनका हाल बेहाल था। प्रधानाध्यापिका ने बताया वह इस समस्या से कई बार अधिकारियों को अवगत करा चुकी हैं, लेकिन समाधान नहीं हो सका है।

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