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चटख धूप में खड़े होकर डाले वोट
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 14 Oct 2015 12:00 AM IST
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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सौरिख और छिबरामऊ में
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अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए आए मतदाताओं को समस्याओं से भी रूबरू
होना पड़ा। धूप में खड़े होकर उनको अपने नंबर आने का इंतजार करना पड़ा।
ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि मतदान के लिए आने वाले वोटरों को सभी तरह की सहूलियत मुहैया कराई जाए। पोलिंग बूथों पर वोटरों के छांव की व्यवस्था की जाए, पर अधिकतर केंद्रों पर छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी। उच्च प्राथमिक स्कूल जाफराबाद में मतदान के लिए चार बूथ बनाए गए थे।
इन चारों बूथों पर वोट देने के लिए आने वाले मतदाता धूप में खड़े होकर मत डालने की प्रतीक्षा करते दिखे। धूप से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। उधर, चुनाव कराने पहुंची पोलिंग पार्टियों ने दोपहर के वक्त खाना खाने के लिए करीब 20 से 25 मिनट मतदान रोक दिया।
इस दौरान महिला-पुरुष वोटर बाहर खड़े रहकर उनके खाना खाने का इंतजार करते रहे, जबकि चुनाव आयोग के निर्देश थे कि किसी भी सूरत में मतदान शुरू होने के बाद उसे प्रभावित नहीं किया जाएगा। इसका असर कहीं न कहीं मतदान प्रतिशत पर पड़ने की संभावना है।
ऐसे दृश्य प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर सहित अधिकतर मतदान केंद्रों पर देखने को मिले। हालात यह थे कि मतपेटियों के निकट कोई मौजूद नहीं मिला। उधर, आयोग और मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिए गए थे कि चुनाव में मतदान करने के लिए आने पर सबसे पहले मतदान अधिकारी प्रथम मतदाता की बायें की हाथ तर्जनी पर अमिट स्याही लगाएगा।
इसके बाद वह अपने मनपसंद उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेगा। उसके वोट डालकर वापस आ जाने पर दूसरे को भेजा जाएगा, पर कन्या प्राथमिक विद्यालय देवीपुर सहित अन्य जगहों पर महिलाएं एक साथ वोट डालती मिली। वह निशानों का भी मिलान करते देखी गई। इन महिलाओं को मतदान कर्मियों अथवा पुलिस ने रोकने-टोकने की कोशिश भी नहीं की गई।
ज्ञात हो कि चुनाव आयोग ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि मतदान के लिए आने वाले वोटरों को सभी तरह की सहूलियत मुहैया कराई जाए। पोलिंग बूथों पर वोटरों के छांव की व्यवस्था की जाए, पर अधिकतर केंद्रों पर छांव की कोई व्यवस्था नहीं थी। उच्च प्राथमिक स्कूल जाफराबाद में मतदान के लिए चार बूथ बनाए गए थे।
इन चारों बूथों पर वोट देने के लिए आने वाले मतदाता धूप में खड़े होकर मत डालने की प्रतीक्षा करते दिखे। धूप से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। उधर, चुनाव कराने पहुंची पोलिंग पार्टियों ने दोपहर के वक्त खाना खाने के लिए करीब 20 से 25 मिनट मतदान रोक दिया।
इस दौरान महिला-पुरुष वोटर बाहर खड़े रहकर उनके खाना खाने का इंतजार करते रहे, जबकि चुनाव आयोग के निर्देश थे कि किसी भी सूरत में मतदान शुरू होने के बाद उसे प्रभावित नहीं किया जाएगा। इसका असर कहीं न कहीं मतदान प्रतिशत पर पड़ने की संभावना है।
ऐसे दृश्य प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर सहित अधिकतर मतदान केंद्रों पर देखने को मिले। हालात यह थे कि मतपेटियों के निकट कोई मौजूद नहीं मिला। उधर, आयोग और मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान निर्देश दिए गए थे कि चुनाव में मतदान करने के लिए आने पर सबसे पहले मतदान अधिकारी प्रथम मतदाता की बायें की हाथ तर्जनी पर अमिट स्याही लगाएगा।
इसके बाद वह अपने मनपसंद उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेगा। उसके वोट डालकर वापस आ जाने पर दूसरे को भेजा जाएगा, पर कन्या प्राथमिक विद्यालय देवीपुर सहित अन्य जगहों पर महिलाएं एक साथ वोट डालती मिली। वह निशानों का भी मिलान करते देखी गई। इन महिलाओं को मतदान कर्मियों अथवा पुलिस ने रोकने-टोकने की कोशिश भी नहीं की गई।