{"_id":"0773f7be16ad4d41851c092e5e77942e","slug":"skandmata-mother-s-prayers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां स्कंदमाता की पूजा अर्चना की
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:49 PM IST
विज्ञापन
जय मां दुर्गा मंदिर मोहल्ला छपट्टी में चल रहे
विज्ञापन
नवरात्र महोत्सव में शनिवार की रात मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की
आराधना की गई। इस दौरान भक्ति गीतों पर हुए नत्यों ने सभी का मन मोह लिया।
विघ्न विनाशक गणेशजी एवं मां दुर्गा की आरती के बाद संचालन कर रहे राजीव अरोड़ा ने मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की महिमा का बखान किया। मां नवरात्रों में घर मेरे आई माता गीत के बीच स्कंदमाता के स्वरूप में शेर पर सवार तनिशा अरोड़ा के आते ही मां के जयकारे से पांडाल गूंज उठा।
शेरा वाली मइया मेरी गीत पर रजत अरोड़ा एवं ब्यूटीफुल मइया गीत पर शानू गुप्ता के डांस ने वाहवाही लूटी। कमेटी के युवकों ने शनिदेव का क्रोध शांत करने आए बजरंगबली और बाजाजी के नाटकों का प्रभावी मंचन किया। मनीष वर्मा ने विशिष्ट नृत्य शैली में मां की आरती की।
बजरंगबली स्वरूप में अंकुर गुप्ता, सूर्यदेव बने गोलू, शनिदेव बने करन, सोम बने रजत, मंगल बने विष्णु, शनिदेव की पत्नी बने शोभित ठाकुर, भक्त की सौतेली माता बनी सुरुचि, सौतेला भाई बनी प्रीती, बालाजी बने अंकुर तथा उनके भक्त बने ऋषभ का अभिनय सभी ने सराहा। अंत में समिति के सभी सदस्यों ने मां दुर्गा और बालाजी के जयकारे लगवाए।
विघ्न विनाशक गणेशजी एवं मां दुर्गा की आरती के बाद संचालन कर रहे राजीव अरोड़ा ने मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की महिमा का बखान किया। मां नवरात्रों में घर मेरे आई माता गीत के बीच स्कंदमाता के स्वरूप में शेर पर सवार तनिशा अरोड़ा के आते ही मां के जयकारे से पांडाल गूंज उठा।
शेरा वाली मइया मेरी गीत पर रजत अरोड़ा एवं ब्यूटीफुल मइया गीत पर शानू गुप्ता के डांस ने वाहवाही लूटी। कमेटी के युवकों ने शनिदेव का क्रोध शांत करने आए बजरंगबली और बाजाजी के नाटकों का प्रभावी मंचन किया। मनीष वर्मा ने विशिष्ट नृत्य शैली में मां की आरती की।
बजरंगबली स्वरूप में अंकुर गुप्ता, सूर्यदेव बने गोलू, शनिदेव बने करन, सोम बने रजत, मंगल बने विष्णु, शनिदेव की पत्नी बने शोभित ठाकुर, भक्त की सौतेली माता बनी सुरुचि, सौतेला भाई बनी प्रीती, बालाजी बने अंकुर तथा उनके भक्त बने ऋषभ का अभिनय सभी ने सराहा। अंत में समिति के सभी सदस्यों ने मां दुर्गा और बालाजी के जयकारे लगवाए।