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Kannauj News: अपहरण के 20 साल पुराने मामले में छह आरोपी बरी
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कन्नौज। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र की अदालत ने अपहरण के 19 साल पुराने मामले में छह आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। पीड़ित द्वारा आरोपियों को पहचानने से इन्कार करने पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया और 20-20 हजार के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया।
कोतवाली तिर्वा के रामपुर निवादा निवासी रामनाथ ने एक मई 2006 को तहरीर दी थी। बताया था कि वह पांच भाई हैं। तीन भाई गुजरात में बर्फ बेचते हैं, जबकि वह और भाई ईश्वरचंद्र खेती करते हैं। भाइयों ने मिलकर गांव में पिता के नाम जमीन खरीदी थी, जिससे कुछ लोग रंजिश मानने लगे। आरोप था कि 29 अप्रैल 2006 की रात 10 बजे भाई ईश्वरचंद्र को बदमाशों ने घेर लिया। ट्यूबवेल की छत से उतारकर मारपीट करते हुए ले गए।
ईश्वरचंद्र ने अदालत में दिए बयान में बताया कि बदमाश उसके भाई को भी पकड़कर ले गए थे, जिसे नदसिया के पास छोड़ दिया। इसके बाद उसे भवानीपुर ले जाकर सूखे कुएं में हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। पांच दिन बाद हाथ की जंजीर ढीली होने पर वह बाहर निकला और चिल्लाया, तब ग्रामीण और पुलिस पहुंची। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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सुनवाई के दौरान कोतवाली तिर्वा के दानेहार निवासी सतीशचंद्र चौबे, सतौरा निवासी अकील खां और सदर कोतवाली के बशीरापुर निवासी सुखवासी लाल की मौत हो गई। अदालत ने अन्य आरोपी गुरसहायगंज के भवनियांपुर निवासी हाकिम सिंह, पिंटू उर्फ नंदकिशोर, कोमिल प्रसाद, फरकापुर निवासी कयामुद्दीन, बशीरापुर निवासी संजू जाटव और मंगलीपुर्वा निवासी बदन सिंह यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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कोतवाली तिर्वा के रामपुर निवादा निवासी रामनाथ ने एक मई 2006 को तहरीर दी थी। बताया था कि वह पांच भाई हैं। तीन भाई गुजरात में बर्फ बेचते हैं, जबकि वह और भाई ईश्वरचंद्र खेती करते हैं। भाइयों ने मिलकर गांव में पिता के नाम जमीन खरीदी थी, जिससे कुछ लोग रंजिश मानने लगे। आरोप था कि 29 अप्रैल 2006 की रात 10 बजे भाई ईश्वरचंद्र को बदमाशों ने घेर लिया। ट्यूबवेल की छत से उतारकर मारपीट करते हुए ले गए।
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ईश्वरचंद्र ने अदालत में दिए बयान में बताया कि बदमाश उसके भाई को भी पकड़कर ले गए थे, जिसे नदसिया के पास छोड़ दिया। इसके बाद उसे भवानीपुर ले जाकर सूखे कुएं में हाथ-पैर बांधकर डाल दिया। पांच दिन बाद हाथ की जंजीर ढीली होने पर वह बाहर निकला और चिल्लाया, तब ग्रामीण और पुलिस पहुंची। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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सुनवाई के दौरान कोतवाली तिर्वा के दानेहार निवासी सतीशचंद्र चौबे, सतौरा निवासी अकील खां और सदर कोतवाली के बशीरापुर निवासी सुखवासी लाल की मौत हो गई। अदालत ने अन्य आरोपी गुरसहायगंज के भवनियांपुर निवासी हाकिम सिंह, पिंटू उर्फ नंदकिशोर, कोमिल प्रसाद, फरकापुर निवासी कयामुद्दीन, बशीरापुर निवासी संजू जाटव और मंगलीपुर्वा निवासी बदन सिंह यादव को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।