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नाबालिग को भगाने में सात वर्ष कैद
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 09 Mar 2015 11:47 PM IST
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कक्षा आठ की छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अभियुक्त को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि घटना 28 अप्रैल 2010 की है। थाना इंदरगढ़ के गांव भोरामऊ निवासी विष्णु पुत्र मन्नीलाल दिवाकर 15 वर्षीय छात्रा को उस समय बहला-फुसलाकर भगा ले गया, जब वह स्कूल पढ़ने जा रही थी। काफी खोजबीन के बाद जब छात्रा न मिली तो पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने तीसरे दिन आरोपी को नौसारा पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर बालिका को बरामद कर बयान दर्ज किए। मामले की विवेचना एसआई लालचंद्र यादव ने कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यप्रकाश शर्मा ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर विष्णु को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की धनराशि से 8 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया।
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शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि घटना 28 अप्रैल 2010 की है। थाना इंदरगढ़ के गांव भोरामऊ निवासी विष्णु पुत्र मन्नीलाल दिवाकर 15 वर्षीय छात्रा को उस समय बहला-फुसलाकर भगा ले गया, जब वह स्कूल पढ़ने जा रही थी। काफी खोजबीन के बाद जब छात्रा न मिली तो पीड़िता के पिता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पुलिस ने तीसरे दिन आरोपी को नौसारा पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर बालिका को बरामद कर बयान दर्ज किए। मामले की विवेचना एसआई लालचंद्र यादव ने कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यप्रकाश शर्मा ने साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर विष्णु को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। साथ ही जुर्माने की धनराशि से 8 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया।
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