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संवेदन, अतिसंवेदनशील प्लस केंद्र बदलेंगे
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 15 Nov 2015 12:12 AM IST
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प्रधानी के चुनाव में संवेदनशील एवं अति संवेदनशील
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प्लस मतदान केंद्रों में बदलाव होगा। आरक्षण की स्थिति भी संवेदनशीलता को
निर्धारित करने में आधार बनेगी। पुलिस महकमा संभावित दावेदारों का ब्योरा
बनाने में जुटा है, वहीं एसडीएम ने लेखपालों को भी इस काम में लगाया है।
झगड़े की आशंका वाले मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के उपाय बढ़ाए जाएंगे। कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पंचायत में सत्ताधारी सपा के साथ ही बसपा, कांग्रेस व भाजपा के तमाम नेता व उनके परिजन चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में लगे हैं।
कन्नौज व जलालाबाद विकास खंड में दो दिन तक नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान कई राजनैतिक चेहरे नजर आए, जिससे प्रधानी का चुनाव भी सियासी रंग से रंगने से अछूता नहीं रहा है। कई नेताओं के रिश्तेदार भी प्रधान बनने को प्रचार में जुट गए हैं।
ऐसे में नेताओं की प्रतिष्ठा भी कई ग्राम पंचायतों में दांव पर लगेगी, इसलिए चुनावी तापमान गरमा गया है। अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में ऐसे ही मतदान केंद्रों को चिह्नित किया जा रहा है जहां झगड़े की आशंका है। बीते चुनाव में जिन मतदान केंद्रों पर हिंसा हुई थी उन्हें भी निशाने पर रखा गया है।
संभावित खतरे वाले केंद्रों के बाबत लेखपालों, सचिवों, चौकीदारों, रोजगार सेवकों समेत अन्य सरकारी महकमे से जुड़े स्टाफ की मदद ली जा रही है। डीएम अनुज झा कहते हैं सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक में विचार-विमर्श होगा। इसके बाद संवेदनशील, अति संवेदनशील व अति संवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों की सूची फाइनल कर दी जाएगी।
हसेरन, उमर्दा, छिबरामऊ, गुगरापुर व हसेरन ब्लाक क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। उधर, प्रधान पद का चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को जीतने की सूचना एसएमएस से भी मिलेगी। अपर निर्वाचन आयुक्त ने डीएम को भेजे पत्र में बताया कि चुनाव आयोग की ओर से विजयी प्रत्याशी को एसएमएस से चुनाव परिणाम की सूचना मुहैया कराई जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य पद की तरह प्रधान पद पर भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय उनके मोबाइल नंबर दर्ज कराने को कहा गया है। आयोग के अनुसार प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
वीडीसी का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का उक्त विवरण वेबसाइट पर नहीं दर्ज किया जाएगा। निर्वाचन परिणामों की घोषणा के साथ ही उन्हें आयोग की वेबसाइट पर समय से अपलोड करने को कहा गया है। निर्देश दिए गए कि मतगणना केंद्र पर पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर, आपरेटर तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था पहले से ही कर ली जाए।
जिन स्थानों पर हाईस्पीड इंटरनेट न मुहैया हो वहां थ्रीजी डोंगल की व्यवस्था की जाए। ध्यान रखा जाए कि परिणाम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद किसी भी दशा में परिवर्तित न किया जाए।
झगड़े की आशंका वाले मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के उपाय बढ़ाए जाएंगे। कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पंचायत में सत्ताधारी सपा के साथ ही बसपा, कांग्रेस व भाजपा के तमाम नेता व उनके परिजन चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में लगे हैं।
कन्नौज व जलालाबाद विकास खंड में दो दिन तक नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान कई राजनैतिक चेहरे नजर आए, जिससे प्रधानी का चुनाव भी सियासी रंग से रंगने से अछूता नहीं रहा है। कई नेताओं के रिश्तेदार भी प्रधान बनने को प्रचार में जुट गए हैं।
ऐसे में नेताओं की प्रतिष्ठा भी कई ग्राम पंचायतों में दांव पर लगेगी, इसलिए चुनावी तापमान गरमा गया है। अति संवेदनशील प्लस की श्रेणी में ऐसे ही मतदान केंद्रों को चिह्नित किया जा रहा है जहां झगड़े की आशंका है। बीते चुनाव में जिन मतदान केंद्रों पर हिंसा हुई थी उन्हें भी निशाने पर रखा गया है।
संभावित खतरे वाले केंद्रों के बाबत लेखपालों, सचिवों, चौकीदारों, रोजगार सेवकों समेत अन्य सरकारी महकमे से जुड़े स्टाफ की मदद ली जा रही है। डीएम अनुज झा कहते हैं सोमवार को इस मुद्दे पर बैठक में विचार-विमर्श होगा। इसके बाद संवेदनशील, अति संवेदनशील व अति संवेदनशील प्लस मतदान केंद्रों की सूची फाइनल कर दी जाएगी।
हसेरन, उमर्दा, छिबरामऊ, गुगरापुर व हसेरन ब्लाक क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। उधर, प्रधान पद का चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी को जीतने की सूचना एसएमएस से भी मिलेगी। अपर निर्वाचन आयुक्त ने डीएम को भेजे पत्र में बताया कि चुनाव आयोग की ओर से विजयी प्रत्याशी को एसएमएस से चुनाव परिणाम की सूचना मुहैया कराई जाएगी।
जिला पंचायत सदस्य पद की तरह प्रधान पद पर भी यह व्यवस्था लागू रहेगी। चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों से नामांकन दाखिल करते समय उनके मोबाइल नंबर दर्ज कराने को कहा गया है। आयोग के अनुसार प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
वीडीसी का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का उक्त विवरण वेबसाइट पर नहीं दर्ज किया जाएगा। निर्वाचन परिणामों की घोषणा के साथ ही उन्हें आयोग की वेबसाइट पर समय से अपलोड करने को कहा गया है। निर्देश दिए गए कि मतगणना केंद्र पर पर्याप्त संख्या में कंप्यूटर, आपरेटर तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था पहले से ही कर ली जाए।
जिन स्थानों पर हाईस्पीड इंटरनेट न मुहैया हो वहां थ्रीजी डोंगल की व्यवस्था की जाए। ध्यान रखा जाए कि परिणाम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद किसी भी दशा में परिवर्तित न किया जाए।