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सैन्य अफसर बन मां की जिंदगी करना चाहते रोशन
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सैनिक स्कूल के लिए चयनित भाइयों को मिठाई खिलाकर स्वागत करतीं मां।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा में चयनित भाई सेना में अधिकारी बनकर मां की जिंदगी रोशन करना चाहते हैं। छह साल पहले आंखों की रोशनी गवां चुकीं मां का बेहतर इलाज करने के लिए दोनों बेटे जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं।
नगर के मोहल्ला इब्राहिमगंज निवासी कुलदीप दीक्षित के बेटे अभिषेक (12) व अंश (10) ने शुरू से अभाव देखे। कुछ साल पहले बीमारी के चलते मां रानी देवी की आंखों की रोशनी चली गई। इलाज कराने में पिता कुलदीप की जमीन बिक गई। वह रिश्तेदारों के भी कर्जदार हो गए। तभी दोनों भाइयों ने कुछ करने की ठान ली। गुरु लक्ष्मीकांत दुबे के सानिध्य में कड़ी मेहनत की। अब दोनों का चयन सैनिक स्कूल के लिए हो गया। रानी देवी बेटों की सफलता का श्रेय लक्ष्मीकांत दुबे को देती हैं। उन्होंने दोनों को नि:शुल्क शिक्षा दी है। वहीं अभिषेक व अंश का कहना है कि वह सैन्य अफसर बन सबसे पहले मां की आंखों का बेहतर इलाज कराएंगे। इससे कि उनकी रोशनी लौट सके। इनके अलावा अतिराजपुर निवासी देव शुक्ला पुत्र शैलेंद्र शुक्ला, रतनपुर निवासी अंशिका कश्यप पुत्र सत्यराम, विशुनगढ़ रोड निवासी ओम किशोर दुबे के बेटे अक्षय कुमार दुबे और बेटी तेजस्वनी दुबे का चयन भी सैनिक स्कूल के लिए हुआ है।
बेटों पर निर्भर है परिवार का भविष्य
अभिषेक व अंश के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। पिता कुलदीप मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐेसे में बेटों को पढ़ाने के लिए फीस का इंतजाम भी मुश्किल हो रहा है। माता-पिता ने सरकार और प्रशासन से बेटों की पढ़ाई जारी रखने के लिए मदद की मांग की है।
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नगर के मोहल्ला इब्राहिमगंज निवासी कुलदीप दीक्षित के बेटे अभिषेक (12) व अंश (10) ने शुरू से अभाव देखे। कुछ साल पहले बीमारी के चलते मां रानी देवी की आंखों की रोशनी चली गई। इलाज कराने में पिता कुलदीप की जमीन बिक गई। वह रिश्तेदारों के भी कर्जदार हो गए। तभी दोनों भाइयों ने कुछ करने की ठान ली। गुरु लक्ष्मीकांत दुबे के सानिध्य में कड़ी मेहनत की। अब दोनों का चयन सैनिक स्कूल के लिए हो गया। रानी देवी बेटों की सफलता का श्रेय लक्ष्मीकांत दुबे को देती हैं। उन्होंने दोनों को नि:शुल्क शिक्षा दी है। वहीं अभिषेक व अंश का कहना है कि वह सैन्य अफसर बन सबसे पहले मां की आंखों का बेहतर इलाज कराएंगे। इससे कि उनकी रोशनी लौट सके। इनके अलावा अतिराजपुर निवासी देव शुक्ला पुत्र शैलेंद्र शुक्ला, रतनपुर निवासी अंशिका कश्यप पुत्र सत्यराम, विशुनगढ़ रोड निवासी ओम किशोर दुबे के बेटे अक्षय कुमार दुबे और बेटी तेजस्वनी दुबे का चयन भी सैनिक स्कूल के लिए हुआ है।
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बेटों पर निर्भर है परिवार का भविष्य
अभिषेक व अंश के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। पिता कुलदीप मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐेसे में बेटों को पढ़ाने के लिए फीस का इंतजाम भी मुश्किल हो रहा है। माता-पिता ने सरकार और प्रशासन से बेटों की पढ़ाई जारी रखने के लिए मदद की मांग की है।
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