समाधान दिवस में साधु ने किया आत्मदाह का प्रयास
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छिबरामऊ। एक साधु ने मंगलवार को तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे पकड़कर कोतवाली भेज दिया। पुलिस ने माचिस दे रही साधु की दो बेटियों को भी हिरासत में लिया है। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में क्षेत्र के ग्राम सफाखेड़ा निवासी साधु विश्रामदास अपनी बेटियों उमा देवी व पार्वती के साथ तहसील सभागार पहुंचा। उसने सीओ को बताया कि सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज हरीश राजपूत कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इसके बाद उसने स्टील की बाल्टी में भरकर लाए केरोसिन को ऊपर डाल लिया और उसकी बेटी उमा देवी ने उसे माचिस दे दी।
इसी दौरान तहसील सभागार में मौजूद एसएसआई राजेश सिंह राठौर, बेहटा चौकी इंचार्ज विनोद यादव तथा दौलता बाद चौकी इंचार्ज फौरन सिंह ने दौड़कर माचिस छीन ली और साधु को हिरासत में ले लिया। सीओ श्रीकांत प्रजापति ने साधु के खिलाफ आत्मदाह के प्रयास का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। कोतवाली से महिला कांस्टेबिल रीना राजपूत व शोभा कुमारी को बुलाकर उसकी बेटियों को भी हिरासत में करवा दिया गया। देर शाम तक उसकी दोनों बेटियां कोतवाली में बैठीं थीं। सीओ ने बताया कि साधु के साथ चार साल पहले मारपीट की घटना हुई थी, जिसका मुकदमा दर्ज है और चार्जशीट न्यायालय में भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी उसने यह कृत्य किया। देर शाम साधु के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसका आरोप है कि आरोपी उसके परिवार को मारने की धमकी दे रहे हैं। सोमवार को सीओ श्रीकांत प्रजापति से मिलकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। 19 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने इस समाचार को प्रकाशित भी किया था। सीओ ने सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज हरीश कुमार राजपूत को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।