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रुद्राक्ष की राखियों का दिखा क्रेज
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Fri, 28 Aug 2015 11:28 PM IST
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रक्षाबंधन के पर्व पर बाजारों में सुबह से शाम तक राखी खरीदने वाली युवतियों व महिलाओं की भीड़ उमड़ी। इस बार पिछली बार की तुलना में राखियों पर भी महंगाई का असर दिखा। पांच रुपये से लेकर 250 तक की राखियों के भाव बाजार में रहे। रुद्राक्ष की बनी हुई रखी सभी को काफी पसंद आई। इसके अलावा सुबह से रोडवेज बसों में मारामारी रही। गन्तव्य तक पहुंचने के लिए महिलाएं खड़ा होकर यात्रा करने को विवश हुई। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की भी यही हाल दिखा। क्षमता से अधिक लोगों के पहुंचने से ट्रेनों में भी मारामारी का आलम रहा।
रक्षाबंधन के पर्व पर भाइयों के घरों पर बहनें जाकर राखी बांधती है। इसके मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर बस स्टाप पर सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं गन्तव्य को जाने के लिए एकत्र होने लगी। सुबह दस से बारह बजे के बीच के हालात यह रहे कि रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालयों में बैठने के लिए सीटें नहीं रही। गन्तव्य को जाने के लिए यात्रा वाहन का इंतजार कर रहे लोगों ने साथ में लाई हुई अटैची सहित अन्य चीजों पर बैठकर इंतजार किया।
हर जगह भीड़भाड़ से रोडवेज व ट्रेनों में देरी के साथ चली। भारी उमस से महिलाएं व बच्चे व्याकुल रहे। कई जगह तो सीट को लेकर यात्रियों के बीच जमकर तू-तू में का दौर भी चला। बाद में सवारियों ने बीच में पड़कर मामले को शांत कराया। वहीं बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधने के लिए मंहगे रक्षासूत्र की जमकर खरीददारी की।
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रक्षाबंधन के पर्व पर भाइयों के घरों पर बहनें जाकर राखी बांधती है। इसके मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर बस स्टाप पर सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में महिलाएं गन्तव्य को जाने के लिए एकत्र होने लगी। सुबह दस से बारह बजे के बीच के हालात यह रहे कि रोडवेज व रेलवे स्टेशन पर यात्री प्रतीक्षालयों में बैठने के लिए सीटें नहीं रही। गन्तव्य को जाने के लिए यात्रा वाहन का इंतजार कर रहे लोगों ने साथ में लाई हुई अटैची सहित अन्य चीजों पर बैठकर इंतजार किया।
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हर जगह भीड़भाड़ से रोडवेज व ट्रेनों में देरी के साथ चली। भारी उमस से महिलाएं व बच्चे व्याकुल रहे। कई जगह तो सीट को लेकर यात्रियों के बीच जमकर तू-तू में का दौर भी चला। बाद में सवारियों ने बीच में पड़कर मामले को शांत कराया। वहीं बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधने के लिए मंहगे रक्षासूत्र की जमकर खरीददारी की।
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