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रेमडेसिविर बेचने में वार्ड ब्वाय को जेल, दूसरे की तलाश
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तिर्वा(कन्नौज)। कोविड मरीज को रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोप में पकडे़ गए वार्ड ब्वाय को पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। दूसरे साथी की तलाश की जा रही है।
मेडिकल कालेज में तैनात आउटसोर्सिंग कंपनी के वार्ड ब्वाय सूरज व प्रीतम पर कोविड मरीज के परिजनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचकर रुपये ठगने का आरोप लगाया गया था। कोविड मरीज के बेटे अभिषेक कुमार ने वार्ड ब्वाय के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी सूरज को पकड़ लिया। पुलिस ने पकडे़ गए आरोपी को जेल भेज दिया। उसके साथी प्रीतम की तलाश की जा रही है। घटना के दिन दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। बाद में पुलिस ने बताया कि दूसरा युवक प्रीतम नहीं था। इससे उसे छोड़ दिया गया। अब प्रीतम की तलाश कराई जा रही है।
ये था मामला
मैनपुरी जिले के बेवर की शिवनगर कालोनी निवासी गया प्रसाद लखनऊ में दरोगा हैं। इनकी 48 वर्षीय पत्नी की 21 मई को हालत खराब हो गई। बेटे ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। आइसोलेशन वार्ड में इलाज हो रहा है। गया प्रसाद ने बताया कि उनसे कालेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने कोविड मरीजों के लिए रामबाण साबित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन बाहर से लगवाने की बात कही। इसके साथ ही एक इंजेक्शन 15 हजार रुपये कीमत का बताया। बेटे ने 85 हजार रुपये दे दिए। सात इंजेक्शन लगने के बाद कर्मचारियों ने बचे पैसों की मांग की तो इंजेक्शन के बिल और रेपर मांगा। आरोपियों ने पहले पैसों की मांग की। इंजेक्शन न लगाने का शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज की निशानदेही पर दो कर्मचारियों को पकड़ लिया था।
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मेडिकल कालेज में तैनात आउटसोर्सिंग कंपनी के वार्ड ब्वाय सूरज व प्रीतम पर कोविड मरीज के परिजनों से रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचकर रुपये ठगने का आरोप लगाया गया था। कोविड मरीज के बेटे अभिषेक कुमार ने वार्ड ब्वाय के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी सूरज को पकड़ लिया। पुलिस ने पकडे़ गए आरोपी को जेल भेज दिया। उसके साथी प्रीतम की तलाश की जा रही है। घटना के दिन दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा था। बाद में पुलिस ने बताया कि दूसरा युवक प्रीतम नहीं था। इससे उसे छोड़ दिया गया। अब प्रीतम की तलाश कराई जा रही है।
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ये था मामला
मैनपुरी जिले के बेवर की शिवनगर कालोनी निवासी गया प्रसाद लखनऊ में दरोगा हैं। इनकी 48 वर्षीय पत्नी की 21 मई को हालत खराब हो गई। बेटे ने मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। आइसोलेशन वार्ड में इलाज हो रहा है। गया प्रसाद ने बताया कि उनसे कालेज के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने कोविड मरीजों के लिए रामबाण साबित होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन बाहर से लगवाने की बात कही। इसके साथ ही एक इंजेक्शन 15 हजार रुपये कीमत का बताया। बेटे ने 85 हजार रुपये दे दिए। सात इंजेक्शन लगने के बाद कर्मचारियों ने बचे पैसों की मांग की तो इंजेक्शन के बिल और रेपर मांगा। आरोपियों ने पहले पैसों की मांग की। इंजेक्शन न लगाने का शक होने पर इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मरीज की निशानदेही पर दो कर्मचारियों को पकड़ लिया था।
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