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‘धार्मिक कार्यक्रमों से मिलती शिक्षा’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:10 AM IST
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मढ़पुरा गांव में चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ
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कार्यक्रम के दौरान रविवार को भी भक्ति की बयार बही। जय श्रीराम, जय
श्रीकृष्ण और हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों
ने यज्ञ कुंड की परिक्रमा की। इस दौरान नेकी के रास्ते पर चलने और
बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लिया गया।
वक्ता आलोक मिश्रा, वंदना, ज्योति ने प्रवचन किए। कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से समाज में सुख व शांति का माहौल बनता है। लोगों को सही रास्ते पर चलने की शिक्षा मिलती है। कहा कि कथा और प्रवचन के जरिए समाज में व्याप्त बुराइयां कम होती हैं। कहा कि कलियुग में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करना बेहद पुण्यकारी है।
कथा सुनना भी सौभाग्य से ही नसीब होता है। जिस पर ईश्वर की कृपा होती है उन्हें ही कथा सुनने या फिर कथा का आयोजन कराने का सुअवसर प्राप्त होता है। आचार्य शिवकुमार मिश्र ने महाभारत की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान नंद किशोर द्विवेदी, बृज किशोर द्विवेदी, आदि लोगों ने व्यवस्थाएं संभाली।
वक्ता आलोक मिश्रा, वंदना, ज्योति ने प्रवचन किए। कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन से समाज में सुख व शांति का माहौल बनता है। लोगों को सही रास्ते पर चलने की शिक्षा मिलती है। कहा कि कथा और प्रवचन के जरिए समाज में व्याप्त बुराइयां कम होती हैं। कहा कि कलियुग में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करना बेहद पुण्यकारी है।
कथा सुनना भी सौभाग्य से ही नसीब होता है। जिस पर ईश्वर की कृपा होती है उन्हें ही कथा सुनने या फिर कथा का आयोजन कराने का सुअवसर प्राप्त होता है। आचार्य शिवकुमार मिश्र ने महाभारत की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान नंद किशोर द्विवेदी, बृज किशोर द्विवेदी, आदि लोगों ने व्यवस्थाएं संभाली।