{"_id":"c9f5490fa29e0f645e0e2a887dc2c867","slug":"principals-have-to-fill-out-forms-training-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानाध्यापकों को प्रपत्र भरने का दिया प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानाध्यापकों को प्रपत्र भरने का दिया प्रशिक्षण
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समस्त परिषदीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के
विज्ञापन
प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापकों को एक दिवसीय यूडायस प्रशिक्षण
दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें जिला शैक्षिक सूचना प्रपत्र भरने के
बारे में जानकारी दी गई।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुए बीईओ अमर सिंह पाल की अध्यक्षता में संपन्न प्रशिक्षण में 188 प्राथमिक और 83 उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। जिला समन्वयक बालिका राजेश्वर सिंह यादव, प्रशिक्षण प्रभारी प्रियांक दुबे व उदित शुक्ला ने प्रतिभागियों को प्रपत्र भरने के बारे में बताया।
बताया कि लगभग 60-65 प्रतिशत भाग स्वत: भरा हुआ है, यदि उसमें कहीं पर त्रुटि हो तो उसे काट कर अंग्रेजी के कैपिटल लेटरों में भर दें। जिला शैक्षिक सूचना प्रपत्र में स्कूल के भौतिक संसाधन के बारे में अंकन करना होगा, जबकि मानवीय संसाधन के अंतर्गत शैक्षिक स्टाप, अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विवरण देना है।
वहीं शैक्षणिक संसाधन में फर्नीचर, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, पुस्तक वितरण के साथ एमडीएम की जानकारी अंकित की जाएगी। वित्तीय संसाधन के अंतर्गत स्कूल को एक वित्तीय वर्ष में प्राप्त आय व्यय का लेखाजोखा देना होगा। इसमें यूनिफार्म, स्कूल विकास, अनुरक्षण अनुदान (पुताई) के प्राप्त आय-व्यय को दर्शाया जाएगा।
इस वित्तीय वर्ष व शैक्षणिक वर्ष दोनों एक अप्रैल से माने जाएंगे, जबकि पूर्व में वित्तीय वर्ष अप्रैल और शैक्षिक वर्ष जुलाई से माना जाता था। प्रशिक्षण में वरिष्ठ समन्वयक डॉ. आशीष राजपूत, समन्वयक धर्मेंद्र सिंह बैस, राजपाल शाक्य, शैलेष मिश्रा, मीना राठौर, अनूप मिश्रा, सुमनलता यादव, रमा मिश्रा आदि मौजूद थे।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुए बीईओ अमर सिंह पाल की अध्यक्षता में संपन्न प्रशिक्षण में 188 प्राथमिक और 83 उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया। जिला समन्वयक बालिका राजेश्वर सिंह यादव, प्रशिक्षण प्रभारी प्रियांक दुबे व उदित शुक्ला ने प्रतिभागियों को प्रपत्र भरने के बारे में बताया।
बताया कि लगभग 60-65 प्रतिशत भाग स्वत: भरा हुआ है, यदि उसमें कहीं पर त्रुटि हो तो उसे काट कर अंग्रेजी के कैपिटल लेटरों में भर दें। जिला शैक्षिक सूचना प्रपत्र में स्कूल के भौतिक संसाधन के बारे में अंकन करना होगा, जबकि मानवीय संसाधन के अंतर्गत शैक्षिक स्टाप, अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का विवरण देना है।
वहीं शैक्षणिक संसाधन में फर्नीचर, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, पुस्तक वितरण के साथ एमडीएम की जानकारी अंकित की जाएगी। वित्तीय संसाधन के अंतर्गत स्कूल को एक वित्तीय वर्ष में प्राप्त आय व्यय का लेखाजोखा देना होगा। इसमें यूनिफार्म, स्कूल विकास, अनुरक्षण अनुदान (पुताई) के प्राप्त आय-व्यय को दर्शाया जाएगा।
इस वित्तीय वर्ष व शैक्षणिक वर्ष दोनों एक अप्रैल से माने जाएंगे, जबकि पूर्व में वित्तीय वर्ष अप्रैल और शैक्षिक वर्ष जुलाई से माना जाता था। प्रशिक्षण में वरिष्ठ समन्वयक डॉ. आशीष राजपूत, समन्वयक धर्मेंद्र सिंह बैस, राजपाल शाक्य, शैलेष मिश्रा, मीना राठौर, अनूप मिश्रा, सुमनलता यादव, रमा मिश्रा आदि मौजूद थे।