{"_id":"584d91f54f1c1b3d7f2c383b","slug":"primary-teachers-union-election-bloc-figures-surrounded-sushil","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राथमिक शिक्षक संघ चुनाव के आंकड़ों में घिरा सुशील गुट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राथमिक शिक्षक संघ चुनाव के आंकड़ों में घिरा सुशील गुट
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 11 Dec 2016 11:20 PM IST
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प्राथमिक शिक्षक संघ के छह वर्षों के बाद हो रहे चुनाव में जिलाध्यक्ष पद पाने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी शुरू हो गई है। शनिवार को ब्लाक अध्यक्ष/महामंत्री पद पर हुए चुनाव में सुशील गुट व उदय गुट के बीच मुकाबला है। जिले के 374 डेलीगेट जिलाध्यक्ष को चुनेंगे। भरोसेमंद डेलीगेट की सूची तैयार करने का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश नेतृत्व से जिलाध्यक्ष चुनाव को लेकर फिलहाल कोई निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
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प्रदेश नेतृत्व में विवाद के चलते पिछले छह वर्षों से मनोनीत जिलाध्यक्ष/ब्लाक अध्यक्ष राजनीति में सक्रिय होकर काम करते चले आ रहे थे। इस बार प्रदेश नेतृत्व में आपसी समझौता हो जाने के बाद कन्नौज जिले के आठ ब्लाकों में एक ही दिन ब्लाक अध्यक्ष/महामंत्री पद पर चुनाव करा दिया गया। दोनों गुटों के आठ ब्लाकों में आठ-आठ पदाधिकारी जीतकर आए हैं। जिलाध्यक्ष उदय नरायन यादव व सुशील यादव दोनों का ही कहना है कि वह चुनाव मैदान में पूरी दमदारी के साथ खड़े हैं।
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कैसे चुना जाता जिलाध्यक्ष
प्राथमिक शिक्षक संघ के चुनाव में जिलाध्यक्ष पद का चुनाव डेलीगेट के माध्यम से होता है। ब्लाक में कुल वोटर में दस टीचरों पर एक डेलीगेट बनता है। इसमें अध्यक्ष व महामंत्री अपने भरोसेमंद टीचरों को डेलीगेट बनाते हैं। डेलीगेट बनाने में अध्यक्ष/महामंत्री की 50-50 फीसदी की भागेदारी रहती है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिले में कुल 374 डेलीगेट बनेंगे। जीते हुए पदाधिकारियों के हिसाब से उदय गुट के पक्ष में करीब 208 व सुशील गुट की ओर 108 डेलीगेट हैं।
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सुशील गुट का तीन ब्लाकों ने बिगाड़ा खेल
प्राथमिक शिक्षक संघ के चुनाव में दोनों ही गुटों के आठ-आठ पदाधिकारियों ने जीत दर्ज की है। कन्नौज में 575, छिबरामऊ में 627 व उमर्दा में 779 वोटर हैं। इन ब्लाकों में सुशील गुट का कोई पदाधिकारी चुनाव नहीं जीत सका है। इन ब्लाकों से अधिक संख्या में डेलीगेट बनेंगे। सुशील गुट ने तालग्राम, छिबरामऊ, हसेरन ब्लाक में कब्जा जमाया है। इन ब्लाकों में वोटर की तादात कम है।
क्रास वोटिंग से गड़बड़ा सकता है चुनाव परिणाम
जिलाध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव में क्रास वोटिंग के जरिए परिणाम बदलने के लिए जीते हुए पदाधिकारियों से संपर्क तेज हो गया है, ताकि चुनाव के दौरान बनने वाले डेलीगेट को अपने पक्ष में लाया जा सके।
चुनाव पर टिकी टीचरों की निगाहें
जिले की राजनीति में दो जिलाध्यक्ष काम करते चले आए हैं। यह कई वर्षों के बाद मौका है, जब जिलाध्यक्ष बनने के लिए इतनी भागदौड़ करनी पड़ रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर जिले में नियुक्त करीब पौने तीन हजार से अधिक टीचरों की चुनाव पर निगाह केंद्रित है।