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ड्यूटी न मिलने पर भड़के पीआरडी जवान
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 16 Oct 2015 12:22 AM IST
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पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने का मौका न मिलने पर
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प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) जवान भड़क गए। उन्होंने ब्लाक परिसर में
नोकझोंक करते हुए नाराजगी जताई। ड्यूटी लगाने में भेदभाव करने और कम लोगों
को काम का अवसर देने के आरोप लगाए।
तीसरे चरण के चुनाव को संपन्न कराने को गुरुवार को सदर विकास खंड परिसर में बनी युवा कल्याण विभाग की व्यायामशाला में पीआरडी जवानों को ड्यूटी बांटी जा रही थी। दोपहर बाद तक 150 जवानों को ही ड्यूटी कार्ड देकर पुष्टाहार के तौर पर नगद 150 रुपये प्रति जवान के दर से भुगतान किया गया।
इस दौरान तमाम जवानों को यह लौटा दिया गया उनका नाम सूची में नहीं है। इस पर जवान भड़क गए। उन्होंने ड्यूटी पर भेजने की बात कही तो ब्लाक कंपनी कमांडर रामसेवक राजपूत और ब्लाक तालग्राम के कंपनी कमांडर महेंद्र सिंह से उनकी नोकझोंक होने लगी।
ब्लाक में मौजूद व्यायाम प्रशिक्षक ने बताया कि बड़े अफसरों के स्तर से 150 जवानों की ड्यूटी लगाने का आर्डर आया, इसलिए सभी जवानों की ड्यूटी लगाना संभव नहीं है। कहा कि तमाम जवान बगैर बुलाए ही आ गए और ड्यूटी लगाने का दबाव डालने लगे। इसी को लेकर उन्होंने हल्ला मचाया पर उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया।
पीआरडी जवान ओमप्रकाश यादव ने बताया कि ड्यूटी लगाने में मनमानी की गई है। सूचना देने में भी लापरवाही बरती गई। किसे आना है किसे नहीं, यह नहीं बताया गया। सैकड़ों किमी का चक्कर लगाकर ब्लाक पहुंचने व किराया भाड़ा खर्च करने के बावजूद जब जवानों को ड्यूटी न देकर वापस किया गया तो उनको गुस्सा आना स्वाभाविक था।
कहा कि जवानों के साथ अन्याय हो रहा है। पीआरडी जवानों की यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह यादव ने कहा कि विभाग के अफसरों ने ही कम जवानों सूची भेजी थी, जिससे सैकड़ों जवान ड्यूटी से वंचित हो गए हैं। ब्लाक में हुई नोकझोंक व जवानों को बैरंग लौटने के लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं।
उधर, जवानों को ड्यूटी कार्ड मुहैया कराने व पुष्टाहार की धनराशि वितरण कार्य में सात जवानों से काम कराया गया, पर इन्हें भुगतान को फूटी कौड़ी तक अबकी नहीं दी गई। व्यायाम प्रशिक्षक ने बताया कि पहले चक्र के चुनाव में विभागीय कार्य करने वाले इन सातों जवानों को 150 रुपये पुष्टाहार के हिसाब से भुगतान आया था।
अबकी पुलिस लाइन से ही इनके लिए धनराशि नहीं आई। इस वजह से इनसे चुनावी कार्य तो कराया गया, पर भुगतान नहीं हो सका। कहा कि मामले को बड़े अफसरों के समक्ष रखा जाएगा।
तीसरे चरण के चुनाव को संपन्न कराने को गुरुवार को सदर विकास खंड परिसर में बनी युवा कल्याण विभाग की व्यायामशाला में पीआरडी जवानों को ड्यूटी बांटी जा रही थी। दोपहर बाद तक 150 जवानों को ही ड्यूटी कार्ड देकर पुष्टाहार के तौर पर नगद 150 रुपये प्रति जवान के दर से भुगतान किया गया।
इस दौरान तमाम जवानों को यह लौटा दिया गया उनका नाम सूची में नहीं है। इस पर जवान भड़क गए। उन्होंने ड्यूटी पर भेजने की बात कही तो ब्लाक कंपनी कमांडर रामसेवक राजपूत और ब्लाक तालग्राम के कंपनी कमांडर महेंद्र सिंह से उनकी नोकझोंक होने लगी।
ब्लाक में मौजूद व्यायाम प्रशिक्षक ने बताया कि बड़े अफसरों के स्तर से 150 जवानों की ड्यूटी लगाने का आर्डर आया, इसलिए सभी जवानों की ड्यूटी लगाना संभव नहीं है। कहा कि तमाम जवान बगैर बुलाए ही आ गए और ड्यूटी लगाने का दबाव डालने लगे। इसी को लेकर उन्होंने हल्ला मचाया पर उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया।
पीआरडी जवान ओमप्रकाश यादव ने बताया कि ड्यूटी लगाने में मनमानी की गई है। सूचना देने में भी लापरवाही बरती गई। किसे आना है किसे नहीं, यह नहीं बताया गया। सैकड़ों किमी का चक्कर लगाकर ब्लाक पहुंचने व किराया भाड़ा खर्च करने के बावजूद जब जवानों को ड्यूटी न देकर वापस किया गया तो उनको गुस्सा आना स्वाभाविक था।
कहा कि जवानों के साथ अन्याय हो रहा है। पीआरडी जवानों की यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह यादव ने कहा कि विभाग के अफसरों ने ही कम जवानों सूची भेजी थी, जिससे सैकड़ों जवान ड्यूटी से वंचित हो गए हैं। ब्लाक में हुई नोकझोंक व जवानों को बैरंग लौटने के लिए अधिकारी जिम्मेदार हैं।
उधर, जवानों को ड्यूटी कार्ड मुहैया कराने व पुष्टाहार की धनराशि वितरण कार्य में सात जवानों से काम कराया गया, पर इन्हें भुगतान को फूटी कौड़ी तक अबकी नहीं दी गई। व्यायाम प्रशिक्षक ने बताया कि पहले चक्र के चुनाव में विभागीय कार्य करने वाले इन सातों जवानों को 150 रुपये पुष्टाहार के हिसाब से भुगतान आया था।
अबकी पुलिस लाइन से ही इनके लिए धनराशि नहीं आई। इस वजह से इनसे चुनावी कार्य तो कराया गया, पर भुगतान नहीं हो सका। कहा कि मामले को बड़े अफसरों के समक्ष रखा जाएगा।