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आलू की बंपर पैदावार, खुदाई का काम तेज
Tue, 19 Feb 2019 11:54 PM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 19 Feb 2019 11:54 PM IST
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खेत में आलू की खुदाई करते किसान।
- फोटो : amarujala
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मौसम खुलने के साथ किसानों ने पक्की आलू की फसल की खुदाई तेज कर दी है। इससे कि दोबारा मौसम खराब होने से पहले आलू को शीतगृह में सुरक्षित भंडारित किया जा सके। पिछले वर्ष की तुलना में आलू की बंपर पैदावार है। फसल के दौरान मौसम अनुकूल रहने से करीब 10 से 15 फीसदी पैदावार में बढ़ोतरी हुई है। किसानों को रेट अच्छा नहीं मिल रहा है। इससे किसान आलू की बिक्री करने में अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अधिकतर किसान आलू को शीतगृह में भंडारित कर रहे हैं।
करीब एक सप्ताह तक बूंदाबांदी व तेज हवाएं चलने से बिगड़े मौसम के बाद दो दिनों में सुधार आया है। दिन में तेज धूप निकलने से खेत में बारिश की वजह से बनी नमी कम हुई है। इसके बाद किसानों ने आलू की खुदाई तेज कर दी है। इस बार किसानों के चेहरे पर पैदावार को लेकर रौनक दिखाई दे रही है। पिछली वर्ष प्रति बीघा 40 से 45 पैकेट निकले थे। इस बार प्रति बीघा 55 से 60 पैकेट तक निकल रहे हैं। पैदावार बढ़ने से आलू के रेट पर सीधा प्रभाव पड़ा है। चिप्सोना, सफेद, हालैंड आलू की खेत पर बिक्री का अच्छा रेट किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इससे अधिकतर किसान आलू बिक्री करने के मूड में नहीं हैं। किसान आसपास के शीतगृहों में आलू भंडारित कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि आगे आलू की मंडी उछाल मारेगी। तभी बिक्री करेंगे।
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करीब एक सप्ताह तक बूंदाबांदी व तेज हवाएं चलने से बिगड़े मौसम के बाद दो दिनों में सुधार आया है। दिन में तेज धूप निकलने से खेत में बारिश की वजह से बनी नमी कम हुई है। इसके बाद किसानों ने आलू की खुदाई तेज कर दी है। इस बार किसानों के चेहरे पर पैदावार को लेकर रौनक दिखाई दे रही है। पिछली वर्ष प्रति बीघा 40 से 45 पैकेट निकले थे। इस बार प्रति बीघा 55 से 60 पैकेट तक निकल रहे हैं। पैदावार बढ़ने से आलू के रेट पर सीधा प्रभाव पड़ा है। चिप्सोना, सफेद, हालैंड आलू की खेत पर बिक्री का अच्छा रेट किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इससे अधिकतर किसान आलू बिक्री करने के मूड में नहीं हैं। किसान आसपास के शीतगृहों में आलू भंडारित कर रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि आगे आलू की मंडी उछाल मारेगी। तभी बिक्री करेंगे।
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