फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Possession parks , where the Speech

पार्कों में कब्जे, कहां करें वाक

Fri, 11 Dec 2015 11:52 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज Updated Fri, 11 Dec 2015 11:52 PM IST
विज्ञापन
Possession parks , where the Speech

कहने को नगर की आवास विकास कालोनी में हर सेक्टर में

विज्ञापन
पार्क हैं, लेकिन वह सभी उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। ज्यादातर पार्कों में अवैध कब्जे, नलकूप के लिए बोरिंग के कुएं और बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। ऐसे में जहां बच्चों के खेलने का स्थान खत्म हो गया है, वहीं बुजुर्ग मार्निंग वॉक के लिए मजबूरन हाईवे पर जाते है।

यह बानगी तो बस नगर की आवास विकास कालोनी की है। एक लाख की आबादी वाले छिबरामऊ कस्बे में भी कोई पार्क नहीं है, जिससे नगर के अधिकतर बुजुर्ग मार्निंग वॉक के लिए हाईवे का ही सहारा लेते हैं। वर्षों पहले नगर में आवास विकास कालोनी स्थापित हुई थी।

लगभग सात वर्ष पहले इस कालोनी को नगरपालिका परिषद के हैंडओवर कर दिया गया और उसके बाद से कालोनी के विकास और उसके देखरेख की जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की हो गई, लेकिन सड़क और नालियों के निर्माण को यदि छोड़ दिया जाए तो कालोनी में अन्य कोई भी विकास कार्य नहीं कराए गए।

हालत यहां तक खराब हैं कि कालोनी के पार्कों में अवैध कब्जे हो गए हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए जलनिगम और पालिका प्रशासन ने बोरिंग के नलकूप स्थापित करा दिए हैं। यहां तक कि बिजली विभाग ने भी पार्कों को नहीं बख्शा। कई पार्कों में ट्रांसफार्मर रखवाए गए हैं।

कालोनी के वाशिंदों के टहलने, घूमने और बच्चों के खेलने के साथ कोई भी कार्यक्रम के आयोजन के लिए आवास विकास परिषद द्वारा पार्कों का निर्माण कराया गया था, पर अवैध निमार्णों से पार्कों ने अपनी सकल खो दी है। बुजुर्गों के टहलने के लिए किसी समय पार्क काफी मुफीद होते थे, लेकिन आज हालत बद से बदतर हो गए हैं।

बुजुर्गों को मार्निंग वॉक के लिए नगर के मुख्य मार्ग पर जाना होता है। आवास विकास कालोनी में रह रहे रिटायर्ड फौजी अंबाल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पार्कों में जगह न होने के कारण उन्हें सुबह हाईवे पर या संपर्क मार्ग पर जाना पड़ता है। जो सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है।

कालोनी के रामसुमिरन तिवारी बताते हैं कि पालिका प्रशासन की उपेक्षा के चलते पार्कों में अवैध कब्जे हो गए हैं। टहलने तो दूर वहां बैठने तक की जगह नहीं है। सफाई न होने से गंदगी के अंबार लगे हैं। फौजी अतर सिंह पाल ने रोष जताते हुए कहा कि पार्कों की देखरेख करना तो दूर पालिका प्रशासन उनकी कभी सफाई तक नहीं कराती।

ज्यादातर पार्कों में नलकूप की बोरिंग है। कालोनी के प्रेम शंकर दीक्षित ने बताया कि आवास विकास के पार्कों में जगह न होने के कारण उन जैसे बुजुर्गों को टहलने के लिए सुबह सड़क का आसरा पकड़ना पड़ता है। सुबह सड़कों पर ट्रैफिक भी ज्यादा होता है। ऐसे में खतरा बना रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed