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Kannauj News: 69.49 लाख से पैथोलॉजी होगी हाईटेक
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कन्नौज। जिले के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में संचालित पैथोलॉजी अब हाईटेक होने जा रही है। इसके लिए 69.49 लाख रुपये का बजट भी अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध करा दिया गया। बजट मिलते ही कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है।
पैथोलॉजी में एक कक्ष मशीनों, दूसरा सैंपल कलेक्शन और तीसरा पंजीकरण के लिए था और मरीजों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। अब पैथोलॉजी की सूरत बदलने वाली है। इसके लिए 69.49 लाख रुपये का बजट शासन से उपलब्ध करा दिया गया है। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू करते हुए कार्य भी शुरू कर दिया है। पैथोलॉजी में बैठक हॉल भी बनाया जाएगा। साथ ही डॉक्टर कक्ष, आरटीपीसीआर कक्ष, पीपीई किट पहनने और उतारने के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए जाएंगे। वहीं, सैंपल कलेक्शन कक्ष पैथोलॉजी में सबसे पहले रहेगा। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि जिला अस्पताल की पैथोलॉजी अब आईपीएजएल (एंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब) हो जाएगी। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। तब तक के लिए पैथोलॉजी को महिला विंग के भूमि तल पर शिफ्ट कर दिय गया है।
पंजीकरण और प्रतीक्षालय अलग-अलग
पैथोलॉजी के सामने जगह खाली पड़ी है, जिस पर पंजीकरण और प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। मरीज पंजीकरण कराकर वहीं पर बैठेंगे। इसके बाद जब उनका नंबर आएगा तो वह पैथोलॉजी में बने पहले ही कक्ष में अपने खून का सैंपल देंगे और इसके बाद बाहर आ जाएंगे।
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पस कल्चर, सेल और टिश्यू की भी होने लगेंगी जांच
पैथोलॉजी में सिरोलॉजी, हिमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री की जांच हो जाती थीं। अब वैक्टीरियोलॉजी, साइटोलॉजी की जांच भी होने लगेंगी। इनमें पस कल्चर, सेंसिटिविटी, सेल और टिश्यू की जांच शामिल हैं। अभी तक मरीजों को यह जांचें कराने के लिए दौड़ लगानी पड़ती थी, जब यह जांचें जिला अस्पताल में होने लगेंगी तो मरीजों की परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में होती सभी जांचें
मेडिकल काॅलेज में पस कल्चर, सेंसिटिविटी, सेल और टिश्यू की जांच सुविधा उपलब्ध है। मरीज मेडिकल कॉलेज में सभी जांचें करा सकते हैं।
-डॉ. शक्ति बसु, सीएमएस
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पैथोलॉजी में एक कक्ष मशीनों, दूसरा सैंपल कलेक्शन और तीसरा पंजीकरण के लिए था और मरीजों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। अब पैथोलॉजी की सूरत बदलने वाली है। इसके लिए 69.49 लाख रुपये का बजट शासन से उपलब्ध करा दिया गया है। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू करते हुए कार्य भी शुरू कर दिया है। पैथोलॉजी में बैठक हॉल भी बनाया जाएगा। साथ ही डॉक्टर कक्ष, आरटीपीसीआर कक्ष, पीपीई किट पहनने और उतारने के लिए अलग-अलग कक्ष बनाए जाएंगे। वहीं, सैंपल कलेक्शन कक्ष पैथोलॉजी में सबसे पहले रहेगा। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि जिला अस्पताल की पैथोलॉजी अब आईपीएजएल (एंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब) हो जाएगी। कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। तब तक के लिए पैथोलॉजी को महिला विंग के भूमि तल पर शिफ्ट कर दिय गया है।
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पंजीकरण और प्रतीक्षालय अलग-अलग
पैथोलॉजी के सामने जगह खाली पड़ी है, जिस पर पंजीकरण और प्रतीक्षालय बनाया जाएगा। मरीज पंजीकरण कराकर वहीं पर बैठेंगे। इसके बाद जब उनका नंबर आएगा तो वह पैथोलॉजी में बने पहले ही कक्ष में अपने खून का सैंपल देंगे और इसके बाद बाहर आ जाएंगे।
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पस कल्चर, सेल और टिश्यू की भी होने लगेंगी जांच
पैथोलॉजी में सिरोलॉजी, हिमेटोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री की जांच हो जाती थीं। अब वैक्टीरियोलॉजी, साइटोलॉजी की जांच भी होने लगेंगी। इनमें पस कल्चर, सेंसिटिविटी, सेल और टिश्यू की जांच शामिल हैं। अभी तक मरीजों को यह जांचें कराने के लिए दौड़ लगानी पड़ती थी, जब यह जांचें जिला अस्पताल में होने लगेंगी तो मरीजों की परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज में होती सभी जांचें
मेडिकल काॅलेज में पस कल्चर, सेंसिटिविटी, सेल और टिश्यू की जांच सुविधा उपलब्ध है। मरीज मेडिकल कॉलेज में सभी जांचें करा सकते हैं।
-डॉ. शक्ति बसु, सीएमएस