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अधिक उम्र के छात्र देख जांच के आदेश
अमर उजाला, कन्नौज
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:58 PM IST
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उमर्दा के परीक्षा केंद्र पर जांच-पड़ताल करते एसडीएम राजेश कुमार यादव
- फोटो : amar ujala
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तिर्वा तहसील के एसडीएम/जोनल मजिस्ट्रेट राजेश यादव ने सोमवार को करीब आधा दर्जन केंद्रों पर छापेमारी कर बोर्ड परीक्षाओं की हकीकत जानी। निरीक्षण में केंद्रों पर नकल सामग्री तो नहीं मिली, लेकिन एक दर्जन छात्र अधिक उम्र के दिखाई दिए, लेकिन कागजों पर उम्र कम थी। छात्रों की जांच के केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए। एसडीएम ने चक्रधारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरौलपुर्वा, राजकीय इंटर कालेज उमर्दा, संत जयकिशन लाल इंटर कालेज उमर्दा सहित अन्य परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
एसडीएम ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान करीब दस छात्र ऐसे मिले हैं, जो कि संदेह के घेर में हैं। इन सभी के कागजातों को चेक किया गया। इनके कागजात तो सही पाए गए, लेकिन देखने से उनकी उम्र अधिक लग रही थी। कहा कि कई बार ऐसा होता है कि छात्र उम्र घटाकर अपना फार्म भरवाने में कामयाब हो जाते हैं। कहा कि बोर्ड के नियम बदल चुके है। अब पहले की तरह आफ लाइन कोई भी काम नहीं होता है। हाईस्कूल के छात्रों का पंजीकरण कक्षा नौ व इंटरमीडिएट के छात्रों का पंजीकरण कक्षा ग्यारह में हो जाता है।
पंजीकरण के बाद जो उनको रोल नंबर मिलता है, उसी से वह अपनी परीक्षा देते हैं। यदि इतना फ्रेश काम होने के बावजूद नकल कराने वाले लोग अपने मंसूबे में कामयाब हो रहे हैं, तो यह पूरे सिस्टम को चुनौती देने वाला काम है। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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एसडीएम ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान करीब दस छात्र ऐसे मिले हैं, जो कि संदेह के घेर में हैं। इन सभी के कागजातों को चेक किया गया। इनके कागजात तो सही पाए गए, लेकिन देखने से उनकी उम्र अधिक लग रही थी। कहा कि कई बार ऐसा होता है कि छात्र उम्र घटाकर अपना फार्म भरवाने में कामयाब हो जाते हैं। कहा कि बोर्ड के नियम बदल चुके है। अब पहले की तरह आफ लाइन कोई भी काम नहीं होता है। हाईस्कूल के छात्रों का पंजीकरण कक्षा नौ व इंटरमीडिएट के छात्रों का पंजीकरण कक्षा ग्यारह में हो जाता है।
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पंजीकरण के बाद जो उनको रोल नंबर मिलता है, उसी से वह अपनी परीक्षा देते हैं। यदि इतना फ्रेश काम होने के बावजूद नकल कराने वाले लोग अपने मंसूबे में कामयाब हो रहे हैं, तो यह पूरे सिस्टम को चुनौती देने वाला काम है। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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