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Kannauj News: डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए एनएच पर लगाया जाम
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जाम में फंसे वाहन व मौजूद भीड़
- फोटो : जाम में फंसे वाहन व मौजूद भीड़
छिबरामऊ। छात्रा की मौत के बाद आक्रोशित भीड़ ने डॉक्टर की गिरफ्तारी व अस्पताल सीज करने की मांग को लेकर रविवार को नेशनल हाईवे की दोनों लेन पर जाम लगा दिया। हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। भीषण गर्मी में जाम में फंसे वाहनों में बैठे लोग परेशान हो गए। अस्पताल में मौजूद लोगों को हिरासत में लेने व अस्पताल सीज करने के आश्वासन के बाद भीड़ ने जाम खोला।
इंजेक्शन लगने के बाद छात्रा रुचि गुप्ता की मौत से आक्रोशित भीड़ को डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों के अस्पताल में ही छिपे होने की भनक लग गई। नाराज भीड़ ने अस्पताल के अंदर छिपे लोगों को बाहर निकालने की मांग शुरू कर दी। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अस्पताल के अंदर से लोगों को बाहर लाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। पुलिस कर्मियों पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
सीओ मनोज कुमार सिंह व कोतवाल अजय अवस्थी ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। जाम खुलवाने को लेकर पुलिस व भीड़ के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई। भीड़ रिपोर्ट दर्ज कर चिकित्सक समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, अस्पताल को सीज करने की मांग पर अड़ी रही। साढे सात बजे तक जाम लगा हुआ था।
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मुख्य मार्ग पर भी पटरी से उतरी यातायात व्यवस्था
पूर्वी बाईपास पर जाम में फंसे वाहनों में छोटे चार पहिया वाहन व दोपहिया वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए नगर के मुख्य मार्ग का रुख कर लिया। मुख्य मार्ग पर दौड़ने वाले ई रिक्शा समेत अन्य वाहनों के बीच नेशनल हाईवे से गुजरने वाले के पहुंचते ही यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। देर शाम तक लोग जाम की समस्या से जूझते नजर आए।
हंगामे के चलते पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका शव
छात्रा की मौत के बाद दोपहर बाद करीब तीन बजे परिजनों व भीड़ ने अस्पताल व उसके बाद नेशनल हाइवे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच पुलिस ने कई बार पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने शव को हाथ नहीं लगाने दिया। देर शाम तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका।
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इंजेक्शन लगने के बाद छात्रा रुचि गुप्ता की मौत से आक्रोशित भीड़ को डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मियों के अस्पताल में ही छिपे होने की भनक लग गई। नाराज भीड़ ने अस्पताल के अंदर छिपे लोगों को बाहर निकालने की मांग शुरू कर दी। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस अस्पताल के अंदर से लोगों को बाहर लाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। पुलिस कर्मियों पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए भीड़ ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
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सीओ मनोज कुमार सिंह व कोतवाल अजय अवस्थी ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया। जाम खुलवाने को लेकर पुलिस व भीड़ के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई। भीड़ रिपोर्ट दर्ज कर चिकित्सक समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, अस्पताल को सीज करने की मांग पर अड़ी रही। साढे सात बजे तक जाम लगा हुआ था।
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मुख्य मार्ग पर भी पटरी से उतरी यातायात व्यवस्था
पूर्वी बाईपास पर जाम में फंसे वाहनों में छोटे चार पहिया वाहन व दोपहिया वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए नगर के मुख्य मार्ग का रुख कर लिया। मुख्य मार्ग पर दौड़ने वाले ई रिक्शा समेत अन्य वाहनों के बीच नेशनल हाईवे से गुजरने वाले के पहुंचते ही यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। देर शाम तक लोग जाम की समस्या से जूझते नजर आए।
हंगामे के चलते पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका शव
छात्रा की मौत के बाद दोपहर बाद करीब तीन बजे परिजनों व भीड़ ने अस्पताल व उसके बाद नेशनल हाइवे पर हंगामा किया। हंगामे के बीच पुलिस ने कई बार पोस्टमार्टम के लिए शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों ने शव को हाथ नहीं लगाने दिया। देर शाम तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका।