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राम के वन जाने की लीला देख आंखें नम
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 05 Nov 2015 11:48 PM IST
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रामलीला कमेटी के तत्वावधान में सौरिख तिराहे पर चल
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रही रात्रिकालीन रामलीला में राम वन गमन की लीला का मंचन देख दर्शकों की
आंखें नम हो गईं। पिता की आज्ञा को शिरोधार्य कर भगवान श्रीराम गंगा
पार कर ऋषिमुनियों को दर्शन देते हुए तथा रास्ते में पड़ने वाले गांव के
लोगों को कृतार्थ कर चित्रकूट धाम पहुंचे।
उधर, जब चित्रकूट के आसपास रहने वाले कोल, भीलो, ऋषियों ने यह समाचार पाया कि राम अपने अनुज लक्ष्मण व पत्नी सीता समेत चित्रकूट आए हैं, तो सब हर्षित होकर प्रभु के दर्शन को उपस्थित हुए। उधर, अयोध्या में उदासी छाई है। भरत-शत्रुघ्न को ननिहाल से बुलाया गया।
जब भरत को राम के वन जाने का समाचार पता चला तो वह दुखी हुए और फिर उन्हें मनाने चित्रकूट के लिए प्रस्थान किया। वहां पहुंचकर भरत ने राम से वापस अयोध्या चलने की प्रार्थना की, पर प्रभु ने अपना संकल्प बताते हुए उन पर कृपा कर अपनी खड़ाऊं भरत को दे दी।
इस लीला को देखकर सभी दर्शकों की आंखें नम हो गईं। लीला को देखने के लिए लोगों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। कमेटी के पदाधिकारियों ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन को लिखित रूप से पत्र देने के बाद भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ललू, महामंत्री मनोज दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत तिवारी चंदन ने बताया कि सात तारीख को होने वाला भरत मिलाप स्थगित कर दिया गया है। अब यह कार्यक्रम आठ नवंबर को भरत मिलाप और राजतिलक के साथ रामलीला के सभी पात्रों को सम्मानित करने के साथ आयोजित किया जाएगा।
उधर, जब चित्रकूट के आसपास रहने वाले कोल, भीलो, ऋषियों ने यह समाचार पाया कि राम अपने अनुज लक्ष्मण व पत्नी सीता समेत चित्रकूट आए हैं, तो सब हर्षित होकर प्रभु के दर्शन को उपस्थित हुए। उधर, अयोध्या में उदासी छाई है। भरत-शत्रुघ्न को ननिहाल से बुलाया गया।
जब भरत को राम के वन जाने का समाचार पता चला तो वह दुखी हुए और फिर उन्हें मनाने चित्रकूट के लिए प्रस्थान किया। वहां पहुंचकर भरत ने राम से वापस अयोध्या चलने की प्रार्थना की, पर प्रभु ने अपना संकल्प बताते हुए उन पर कृपा कर अपनी खड़ाऊं भरत को दे दी।
इस लीला को देखकर सभी दर्शकों की आंखें नम हो गईं। लीला को देखने के लिए लोगों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। कमेटी के पदाधिकारियों ने रोष जताते हुए कहा कि पुलिस-प्रशासन को लिखित रूप से पत्र देने के बाद भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ललू, महामंत्री मनोज दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत तिवारी चंदन ने बताया कि सात तारीख को होने वाला भरत मिलाप स्थगित कर दिया गया है। अब यह कार्यक्रम आठ नवंबर को भरत मिलाप और राजतिलक के साथ रामलीला के सभी पात्रों को सम्मानित करने के साथ आयोजित किया जाएगा।