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मुआवजा: सरकार की बेरुखी, अन्नदाता परेशान
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बारिश व ओलों से खराब हुई धनिया की फसल।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। मौसम की मार के बाद सरकार की बेरुखी से किसानों के घरों में मायूसी छाई है। मार्च में कई दफा बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से किसानों की 30 से 40 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, कृषि व राजस्व टीम की रिपोर्ट के आधार पर अफसरों ने 20 फीसदी नुकसान की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। यही वजह है कि प्रदेश के 15 जिलों में राहत एवं आपदा प्रबंधन से दिए जाने वाले मुआवजे में जिले का नाम नहीं है।
किसानों के मुताबिक मुआवजा के नाम पर उनसे छल किया जाता है। मुश्किल से कुल नुकसान की 10 या 20 प्रतिशत राशि मिल पाती है। आपदा को तय करने के लिए सरकार की शर्तों के चलते भी मुआवजा आसानी से नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि पिछले पांच साल में कई बार नुकसान के बावजूद किसानों को महज एक बार प्राकृतिक आपदा के कारण मुआवजा मिला है। यह प्रति किसान महज 1926 रुपये था।
कृषि विभाग के पास जायजा लेने के बाद भी पूरी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इतना जरूर बताया गया कि तिर्वा क्षेत्र में 20 से 30 प्रतिशत फसलों में नुकसान हुआ है। वहीं किसानों का कहना है कि कहीं-कहीं 40 प्रतिशत से ज्यादा फसलों में नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक आलू, गेहूं, सरसों और चने की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान है।
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बारिश व ओलावृष्टि से अन्य जनपदों की अपेक्षा जिले में कम नुकसान है। 40 फीसदी या इससे अधिक नुकसान पर राहत एवं आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा दिया जाता है। यही वजह है कि 15 जनपदों में कन्नौज का नाम शामिल नहीं है। किसानों फसल बीमा योजना के तहत नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। इसके बराबर शिकायती पत्र आ रहे हैं।
-राम मिलन सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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किसानों के मुताबिक मुआवजा के नाम पर उनसे छल किया जाता है। मुश्किल से कुल नुकसान की 10 या 20 प्रतिशत राशि मिल पाती है। आपदा को तय करने के लिए सरकार की शर्तों के चलते भी मुआवजा आसानी से नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि पिछले पांच साल में कई बार नुकसान के बावजूद किसानों को महज एक बार प्राकृतिक आपदा के कारण मुआवजा मिला है। यह प्रति किसान महज 1926 रुपये था।
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कृषि विभाग के पास जायजा लेने के बाद भी पूरी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इतना जरूर बताया गया कि तिर्वा क्षेत्र में 20 से 30 प्रतिशत फसलों में नुकसान हुआ है। वहीं किसानों का कहना है कि कहीं-कहीं 40 प्रतिशत से ज्यादा फसलों में नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक आलू, गेहूं, सरसों और चने की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान है।
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बारिश व ओलावृष्टि से अन्य जनपदों की अपेक्षा जिले में कम नुकसान है। 40 फीसदी या इससे अधिक नुकसान पर राहत एवं आपदा प्रबंधन के तहत मुआवजा दिया जाता है। यही वजह है कि 15 जनपदों में कन्नौज का नाम शामिल नहीं है। किसानों फसल बीमा योजना के तहत नष्ट हुई फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। इसके बराबर शिकायती पत्र आ रहे हैं।
-राम मिलन सिंह, जिला कृषि अधिकारी।