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लॉकडाउन में उधारी ने छुड़ाया घर, मांगने लगे भीख
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कन्नौज। लॉकडाउन में उधारी होने पर एक परिवार को घर छोड़ना पड़ गया। सभी कन्नौज आकर भीख मांगकर गुजर-बसर करने लगे। जिला बाल संरक्षण टीम ने अभियान चलाकर एक बच्चे औैर उसकी मौसी को पकड़ लिया। टीम ने बच्चे व मौसी को माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इन्हें शासन से मिलने वाली मदद का आश्वासन दिया।
मंगलवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय राठौर, रूबी पाल, अजीत राठौर, अविनाश, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जगदीश वर्मा व चाइल्ड लाइन के तौसीफ की संयुक्त टीम ने बस स्टाप व रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया। सरायमीरा बस स्टाप के पास सात वर्षीय बच्चे व 20 वर्षीय युवती को थाली में देवी देवताओं की फोटो रखकर भीख मांगते पकड़ लिया। बाद में दोनों को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया।
युवती ने बताया कि वह मूलरूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। बच्चे के पिता का नाम रघुवीर और माता का नाम पार्वती है। रघुवीर कबाड़ का काम कर बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। लॉकडाउन में उधारी होने से घर छोड़ना पड़ गया। माता-पिता तिर्वा पुल के नीचे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। बाल संरक्षण टीम ने बच्चे के माता-पिता को बुलाया। बच्चे व उसकी मौसी को भीख न मांगने की हिदायत देखकर छोड़ दिया।
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मंगलवार को जिला बाल संरक्षण अधिकारी विजय राठौर, रूबी पाल, अजीत राठौर, अविनाश, श्रम प्रवर्तन अधिकारी जगदीश वर्मा व चाइल्ड लाइन के तौसीफ की संयुक्त टीम ने बस स्टाप व रेलवे स्टेशन पर अभियान चलाया। सरायमीरा बस स्टाप के पास सात वर्षीय बच्चे व 20 वर्षीय युवती को थाली में देवी देवताओं की फोटो रखकर भीख मांगते पकड़ लिया। बाद में दोनों को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया।
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युवती ने बताया कि वह मूलरूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। बच्चे के पिता का नाम रघुवीर और माता का नाम पार्वती है। रघुवीर कबाड़ का काम कर बच्चों का भरण-पोषण कर रहे थे। लॉकडाउन में उधारी होने से घर छोड़ना पड़ गया। माता-पिता तिर्वा पुल के नीचे झोपड़ी बनाकर रहते हैं। बाल संरक्षण टीम ने बच्चे के माता-पिता को बुलाया। बच्चे व उसकी मौसी को भीख न मांगने की हिदायत देखकर छोड़ दिया।
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