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लेखपालों ने किया खेल, जांच में खुली पोल
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sat, 11 Apr 2015 12:04 AM IST
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जिले में कई लेखपालों ने घर बैठे ही फसल के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट कर ली। इसके चलते कई किसान राहत राशि पाने से वंचित हो गए। शुक्रवार को जिले में पहुंची केंद्रीय टीम के स्थलीय सत्यापन में इस पोल का खुलासा हुआ। मामले में जिलाधिकारी ने तत्काल आरोपी लेखपालों के खिलाफ जांच के आदेश दिए। इस दौरान टीम ने बैंक जाकर फसल बीमा योजना के तहत किसानों को मिल रहे क्लेम के बारे में भी जानकारी ली।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष कुमार भूटानी, वित्त मंत्रालय से राजीव कुमार, ग्रामीण विकास मंत्रालय की सहायक निदेशक भावना सिंह के नेतृत्व में डीएम अनुज कुमार झा, एडीएम रमेश चंद्र यादव, एसडीएम महेश चंद्र शर्मा सबसे पहले अलीपुर अहाना पहुंचे। यहां प्राइमरी पाठशाला में चौपाल लगाकर किसानों से गेहूं, सरसों, व आलू की फसल में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
टीम के सदस्य खेतों पर भी गए। यहां पर किसानों ने गेहूं की बालियां तोड़कर टीम के सदस्यों को दिखाईं। बताया कि गेहूं काले हो गए हैं। कई किसानों ने अपने मोबाइल के जरिए ओलावृष्टि के फुटेज भी दिखाए। इस दौरान डीएम ने टीम को बताया कि गांव में 490 किसानों की 112.486 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। किसानों को 2028748 रुपये की धनराशि चेकों के जरिए दी जा चुकी है।
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टीम के सदस्यों ने बताया कि जिन किसानों की 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान हुआ है। उनका भी सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान कई किसानों ने शिकायत रखी कि उन्होंने केसीसी के जरिए अपनी फसलों का बीमा कराया था पर उन्हें बीमा कंपनी ने कोई लाभ नहीं दिया। बाद में टीम जैनपुर गांव पहुंची।
यहां एक बाग में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं पूछीं। इस पर किसानों ने कहा कि लेखपाल प्रेमचंद्र दुबे सर्वे के लिए गांव ही नहीं आए। फर्जी सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की। इससे कई प्रभावित लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हुए। ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस पर डीएम ने लेखपाल को मौके पर बुलाकर फटकारा। बाद में एसडीएम तिर्वा महेश चंद्र शर्मा को लेखपाल के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा।
यहां डीएम ने केंद्रीय टीम को अवगत कराया कि गांव के 210 किसानों को 713594 की धनराशि दी जा चुकी है। इस गांव में 34.775 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। केंद्रीय टीम के सदस्यों ने भरोसा दिलाया कि आलू किसानों को भी सर्वे कराकर उन्हें राहत प्रदान की जाएगी। बाद में टीम तिर्वा स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा पहुंची। यहां पर डीएम समेत टीम के अफसरों ने इन दोनों गांव के किसानों के बनाए गए केसीसी के बारे में जानकारी प्राप्त की।
केसीसी के जरिए किसानों को फसल बीमा योजना के तहत बैंक द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम के बारे में भी जानकारी ली। बीमा कंपनी द्वारा दिए गए मुआवजे के बारे में भी पूछा। मुआवजे के विषय में कोई संतोष जनक जवाब न मिलने पर केंद्रीय टीम ने डीएम को निर्देश दिया कि संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर पीड़ित किसानों को बीमा योजना का लाभ दिलवाएं।
16523 किसानों दी जा चुकी राहत चेक
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित 16523 किसानों को 51998652 रुपये की धनराशि चेक के जरिए किसानों को दी जा चुकी है। 33 फीसदी नुकसान को लेकर फिर से सर्वे कराया जा रहा है। सूची तैयार होने के बाद इन किसानों को दोबारा लाभ दिया जाएगा।
लेखपालों की मानीटरिंग भी हुई शुरू
डीएम ने शुक्रवार देर शाम तिर्वा तहसील में लेखपालों की बैठक कर चेतावनी दी कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने में व राहत की चेक वितरण करने में कोई भी लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। ग्राम पंचायतों में किसानों से सुविधा शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस बात की भनक मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हो गए हैं। एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला ने सभी लेखपालों को निर्देशित किया है कि सर्वे में लापरवाही न बरते। वसूली की शिकायत मिली तो दंडात्मक कार्रवाई होगी।
किसान शिकायत दर्ज कराएं
क्षेत्र के किसानों से यदि कोई भी लेखपाल चेक वितरण व सूची में नाम शामिल कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग करता है तो हमारे संवादाता के मोबाइल नंबर 8954893156 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष कुमार भूटानी, वित्त मंत्रालय से राजीव कुमार, ग्रामीण विकास मंत्रालय की सहायक निदेशक भावना सिंह के नेतृत्व में डीएम अनुज कुमार झा, एडीएम रमेश चंद्र यादव, एसडीएम महेश चंद्र शर्मा सबसे पहले अलीपुर अहाना पहुंचे। यहां प्राइमरी पाठशाला में चौपाल लगाकर किसानों से गेहूं, सरसों, व आलू की फसल में हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली।
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टीम के सदस्य खेतों पर भी गए। यहां पर किसानों ने गेहूं की बालियां तोड़कर टीम के सदस्यों को दिखाईं। बताया कि गेहूं काले हो गए हैं। कई किसानों ने अपने मोबाइल के जरिए ओलावृष्टि के फुटेज भी दिखाए। इस दौरान डीएम ने टीम को बताया कि गांव में 490 किसानों की 112.486 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। किसानों को 2028748 रुपये की धनराशि चेकों के जरिए दी जा चुकी है।
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टीम के सदस्यों ने बताया कि जिन किसानों की 33 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान हुआ है। उनका भी सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान कई किसानों ने शिकायत रखी कि उन्होंने केसीसी के जरिए अपनी फसलों का बीमा कराया था पर उन्हें बीमा कंपनी ने कोई लाभ नहीं दिया। बाद में टीम जैनपुर गांव पहुंची।
यहां एक बाग में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं पूछीं। इस पर किसानों ने कहा कि लेखपाल प्रेमचंद्र दुबे सर्वे के लिए गांव ही नहीं आए। फर्जी सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की। इससे कई प्रभावित लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हुए। ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस पर डीएम ने लेखपाल को मौके पर बुलाकर फटकारा। बाद में एसडीएम तिर्वा महेश चंद्र शर्मा को लेखपाल के खिलाफ जांच के निर्देश दिए। एसडीएम ने नायब तहसीलदार को तीन दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा।
यहां डीएम ने केंद्रीय टीम को अवगत कराया कि गांव के 210 किसानों को 713594 की धनराशि दी जा चुकी है। इस गांव में 34.775 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। केंद्रीय टीम के सदस्यों ने भरोसा दिलाया कि आलू किसानों को भी सर्वे कराकर उन्हें राहत प्रदान की जाएगी। बाद में टीम तिर्वा स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा पहुंची। यहां पर डीएम समेत टीम के अफसरों ने इन दोनों गांव के किसानों के बनाए गए केसीसी के बारे में जानकारी प्राप्त की।
केसीसी के जरिए किसानों को फसल बीमा योजना के तहत बैंक द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम के बारे में भी जानकारी ली। बीमा कंपनी द्वारा दिए गए मुआवजे के बारे में भी पूछा। मुआवजे के विषय में कोई संतोष जनक जवाब न मिलने पर केंद्रीय टीम ने डीएम को निर्देश दिया कि संबंधित बीमा कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर पीड़ित किसानों को बीमा योजना का लाभ दिलवाएं।
16523 किसानों दी जा चुकी राहत चेक
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित 16523 किसानों को 51998652 रुपये की धनराशि चेक के जरिए किसानों को दी जा चुकी है। 33 फीसदी नुकसान को लेकर फिर से सर्वे कराया जा रहा है। सूची तैयार होने के बाद इन किसानों को दोबारा लाभ दिया जाएगा।
लेखपालों की मानीटरिंग भी हुई शुरू
डीएम ने शुक्रवार देर शाम तिर्वा तहसील में लेखपालों की बैठक कर चेतावनी दी कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की सूची तैयार करने में व राहत की चेक वितरण करने में कोई भी लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी। ग्राम पंचायतों में किसानों से सुविधा शुल्क वसूले जाने की शिकायतें मिल रही हैं। इस बात की भनक मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हो गए हैं। एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला ने सभी लेखपालों को निर्देशित किया है कि सर्वे में लापरवाही न बरते। वसूली की शिकायत मिली तो दंडात्मक कार्रवाई होगी।
किसान शिकायत दर्ज कराएं
क्षेत्र के किसानों से यदि कोई भी लेखपाल चेक वितरण व सूची में नाम शामिल कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांग करता है तो हमारे संवादाता के मोबाइल नंबर 8954893156 पर शिकायत दर्ज कराएं।