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Kannauj News: टैंक में लीकेज, पानी का इंतजाम नहीं, सामुदायिक शौचालय बंद

Fri, 05 Apr 2024 12:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 05 Apr 2024 12:02 AM IST
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Leakage in tank, no water arrangement, community toilet closed
तालग्राम। स्वच्छता अभियान के तहत गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए ब्लाॅक की 67 पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है।
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इनकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। प्रतिमाह एक शौचालय पर नौ हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। स्थिति यह है कि कहीं शौचालय का टैंक में लीकेज है तो कहीं पानी का इंतजाम न होने के कारण बंद पड़े हैं।
सरकार ने सामुदायिक शौचालयों का निर्माण व उपयोगिता को प्राथमिकता में शामिल किया है। इसी के तहत गांवों में सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। इन शौचालयों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। इसके लिए हर माह मानदेय के रूप में छह हजार रुपये केयरटेकर का मानदेय और सामग्री खरीद के नाम पर तीन हजार रुपये प्रदान किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सार्वजनिक शौचालय का उपयोग ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है।
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तालग्राम ब्लॉक के माधौनगर सार्वजनिक शौचालय के टैंक में लीकेज हो गया है। बदबूदार गंदा पानी बहार बहने लगा है। ग्रामीणों ने इसका प्रयोग करना बंद कर दिया है। वहीं, पुखरायां सामुदायिक शौचालय के बाहर जलभराव है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पानी का कोई इंतजाम नहीं, सीट भी ठीक नहीं है। ताला बंद रहता है। क्षेत्र के गदोरा में अक्सर ताला बंद रहता है। इसके दरवाजे तक पहुंचने का रास्ता नहीं है। इसके साथ ही कई स्थानों पर शौचालयों में बिजली व पानी का अभाव बना है। जिसके कारण इसकी उपयोगिता पर सवाल खड़ा हो रहे हैं। इसकी शिकायत भी लगातार की जा रही है। इसके बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
शासन के निर्देश के मुताबिक, रखरखाव के लिए एक शौचालय पर एक केयरटेकर की तैनाती की गई है। दिन में दो बार सफाई की जानी है। इसके लिए केयरटेकर को छह हजार, मरम्मत, बिजली, नल की टोटी आदि के लिए 500 रुपये, साफ-सफाई के लिए झाडू, ब्रश, वाईपर, स्पंज के लिए 1,200 रुपये, छह माह में कपड़े में पोछा, बाल्टी, मग, साबुन, वाशिंग पाउडर के लिए एक हजार रुपये, एयरफ्रेशनर, ग्लब्स, हारपिक, मास्क, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सैनिटाइजर आदि मिलाकर नौ हजार रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

एडीओ पंचायत रवि प्रताप सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को ध्यान में रखकर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। यदि कहीं पर शौचालयों में ताला बंद रहता है या बदहाल है तो निरीक्षण कर संबंधित की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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