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लाख बहोसी तालाब के चौकीदार को हटाया
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बे के हसेरन ब्लाक में लाख-बहोसी झील से बना तालाब में हो रहे शिकार के मामले में लखनऊ के रेंजर ने गुरुवार को जांच पड़ताल की। उन्होंने संविदा पर काम कर रहे चौकीदार को हटा दिया है।
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अमर उजाला ने 13 जून मंगलवार को लाख-बहोसी में मछलियों के हो रहे अवैध कारोबार संबंधी खबर को पेज आठ पर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम जगदीश प्रसाद ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। लखनऊ से रेंजर जसवंत सिंह ने पूरे मामले की जांच की और संविदा पर चौकीदारी का काम कर रहे वेदपाल यादव को हटा दिया है। इसके साथ ही वन इंचार्ज रामबाबू को निर्देशित किया गया है कि आगे से ऐसी लापरवाही और शिकायत मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं जल्द ही विभाग चौकीदार के पद पर किसी दूसरे व्यक्ति की तैनाती करेगा।
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बगैर वेतन 12 वर्ष से चौैकीदारी कर रहे करन सिंह
इंदरगढ़। लाख-बहोसी पक्षी विहार में सुरक्षा के नाम से एक वन दरोगा रामबाबू, वन सिपाही गुलाब सिंह, और गयाचंद्र पटेल तैनात हैं। वहीं नाविक के तौर पर राजेश वर्मा की तैनाती है। गत 12-13 वर्षों से बगैर वेतन चौकीदारी कर रहे करन सिंह से जब पूछा गया कि कोई वेतन नहीं मिल रहा तो क्यों काम कर रहे हो। तो उसका कहना था कि विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखता रहता हूं कि कभी अगर सुन ली तो वेतन मिलने लगेगा। उसने बताया कि उसे पहले वेतन मिलता था, लेकिन गत करीब 12-13 वर्षों से वेतन नहीं मिल रहा है।
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पक्षी गंदगी भी खाते, इसलिए नहीं कराते सफाई
इंदरगढ़। वन विभाग की ओर कस्बे के हसेरन ब्लाक में बने पक्षी विहार में कभी साफ-सफाई नहीं कराई जाती है। जिससे कई ग्रामीणों और पर्यटकों ने ने आना बंद कर दिया है। वहीं, सफाई के मामले पर इंचार्ज रामबाबू कहते हैं कि पक्षी गंदगी भी खाते इसलिए सफाई नहीं करवाई जाती है। कहा कि जब कभी शासन से निर्देश आता है तो कुछ निजी मजदूराें को बुलाकर सफाई करवाई जाती है। वहीं, ग्रामीणाें ने कहा कि कुछ बेसरम वेल जैसी पौध को तालाबों के पास से न कटाने के चलते ही शिकारी उन्हीं की ओट में बैठकर शिकार करते हैं।