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कन्नौज : जड़ी पाठशालाएं, संकट में भविष्य की नींव
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कन्नौज। जीटी रोड चौड़ीकरण की जद में आने से कई विद्यालय उजड़ गए हैं। इससे एक हजार से अधिक बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। हालांकि इन बच्चों को पढ़ाने के लिए पंचायतघरों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं, लेकिन एक ही कमरे में कई कक्षाएं लगने से बच्चों को समझ में नहीं आता। शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
इन दिनों जीटी रोड चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने से जिले के नौ परिषदीय स्कूल प्रभावित हुए हैं। इसमें कुछ विद्यालय भवन ऐसे भी हैं, जिनका अस्तित्व ही खत्म हो रहा है। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल भवन न होने से शिक्षक-शिक्षिकाएं भी खासे परेशान हैं।
करीब एक साल बाद भी कुछ स्कूलों को नया भवन बनाने के लिए दूसरी जगह नहीं मिली है। जिन विद्यालयों के पास या परिसर में पंचायतघर बने हैं, वहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चे एक साथ बैठाकर पढ़ाए जाते हैं। एक ही कक्ष में कई कक्षाएं चलने से शोरगुल की स्थिति हो जाती है। शिक्षकों का पढ़ाया पूरी तरह बच्चों को समझ में नहीं आता। शिक्षक भी बच्चों को समझाने में हलकान हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है।
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इन स्कूलों को खासा नुकसान
सदर ब्लॉक का अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना का तो पूरा भवन ही जीटी रोड चौड़ीकरण में जा रहा है। इस वजह से यहां के बच्चे पंचायतघर में पढ़ते हैं। अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल दंदौराखुर्द के एक शिक्षक ने बताया कि जगह के अभाव में कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं को एक साथ पंचायत भवन में पढ़ाया जाता है। उन्हें पढ़ाने में शिक्षकों को भी परेशानी होती है।
सरायदौलत के पंचायत सचिवालय में लगतीं हैं पांचों कक्षाएं
तेराजाकेट। जीटी रोड चौड़ीकरण की वजह से प्राथमिक स्कूल सरायदौलत के कक्ष ध्वस्त कर दिए गए हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक अंजली सिंह ने बताया कि 123 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हर दिन तकरीबन 90 बच्चे स्कूल आते हैं। पंचायत सचिवालय सभागार में ही कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। यहां शिक्षक यूसुफ भी तैनात हैं। तीन कमरे बन गए हैं, लेकिन फिनिशिंग आदि कार्य होना बाकी है। इस वजह से इन कमरों में बैठाकर नहीं पढ़ाया जा रहा है। जूनियर स्कूल सराय प्रयाग भी जीटी रोड चौड़ीकरण में प्रभावित हुआ है। यहां रसोईघर और कक्ष आदि बनवा दिए गए हैं।
ये स्कूल हुए हैं प्रभावित
-प्राथमिक स्कूल दंदौराखुर्द।
-प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना।
-कंपोजिट विद्यालय मानीमऊ।
-प्राथमिक स्कूल सरायदौलत तालग्राम।
-यूपीएस सराय प्रयाग तालग्राम।
-बीआरसी तालग्राम।
-कंपोजिट विद्यालय अकबरपुर छिबरामऊ।
-कंपोजिट स्कूल घिलोई छिबरामऊ।
-प्राथमिक सकूल लड़ैता छिबरामऊ।
13 मई को हो चुकी मांग
बहादुरपुर उजैना के प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन दिलाने की मांग इंटर कॉलेज के एक शिक्षक ने 13 मई को की थी। आईजीआरएस पर उसका निस्तारण 20 मई को कर दिया गया। उसमें कह दिया गया कि 100 मीटर की परिधि में कोई जमीन नहीं है, जिसमें स्कूल भवन बन सके। बहादुरपुर उजैना के छात्र-छात्राओं को जसौली प्राथमिक स्कूल में भेजे जाने की बात कही जा रही है।
जिन स्कूलों का पूरा भवन जा रहा है, उसके लिए जमीन की जरूरत है। एडीएम ने गांव में ही जमीन दिलाने का आश्वासन दिया है। कुछ विद्यालयों का आंशिक हिस्सा प्रभावित हुआ है।- कौस्तुभ कुमार सिंह, बीएसए।
सदर तहसील क्षेत्र में प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना का ही भवन जा रहा है। जमीन चिह्नित हो गई है, लेकिन अभी बैनामा नहीं हुआ है। प्रक्रिया चल रही है। -उमाकांत तिवारी, एसडीएम।
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इन दिनों जीटी रोड चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। चौड़ीकरण की जद में आने से जिले के नौ परिषदीय स्कूल प्रभावित हुए हैं। इसमें कुछ विद्यालय भवन ऐसे भी हैं, जिनका अस्तित्व ही खत्म हो रहा है। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल भवन न होने से शिक्षक-शिक्षिकाएं भी खासे परेशान हैं।
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करीब एक साल बाद भी कुछ स्कूलों को नया भवन बनाने के लिए दूसरी जगह नहीं मिली है। जिन विद्यालयों के पास या परिसर में पंचायतघर बने हैं, वहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चे एक साथ बैठाकर पढ़ाए जाते हैं। एक ही कक्ष में कई कक्षाएं चलने से शोरगुल की स्थिति हो जाती है। शिक्षकों का पढ़ाया पूरी तरह बच्चों को समझ में नहीं आता। शिक्षक भी बच्चों को समझाने में हलकान हो जाते हैं। ऐसे में बच्चों का भविष्य क्या होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है।
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इन स्कूलों को खासा नुकसान
सदर ब्लॉक का अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना का तो पूरा भवन ही जीटी रोड चौड़ीकरण में जा रहा है। इस वजह से यहां के बच्चे पंचायतघर में पढ़ते हैं। अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक स्कूल दंदौराखुर्द के एक शिक्षक ने बताया कि जगह के अभाव में कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं को एक साथ पंचायत भवन में पढ़ाया जाता है। उन्हें पढ़ाने में शिक्षकों को भी परेशानी होती है।
सरायदौलत के पंचायत सचिवालय में लगतीं हैं पांचों कक्षाएं
तेराजाकेट। जीटी रोड चौड़ीकरण की वजह से प्राथमिक स्कूल सरायदौलत के कक्ष ध्वस्त कर दिए गए हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक अंजली सिंह ने बताया कि 123 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हर दिन तकरीबन 90 बच्चे स्कूल आते हैं। पंचायत सचिवालय सभागार में ही कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। यहां शिक्षक यूसुफ भी तैनात हैं। तीन कमरे बन गए हैं, लेकिन फिनिशिंग आदि कार्य होना बाकी है। इस वजह से इन कमरों में बैठाकर नहीं पढ़ाया जा रहा है। जूनियर स्कूल सराय प्रयाग भी जीटी रोड चौड़ीकरण में प्रभावित हुआ है। यहां रसोईघर और कक्ष आदि बनवा दिए गए हैं।
ये स्कूल हुए हैं प्रभावित
-प्राथमिक स्कूल दंदौराखुर्द।
-प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना।
-कंपोजिट विद्यालय मानीमऊ।
-प्राथमिक स्कूल सरायदौलत तालग्राम।
-यूपीएस सराय प्रयाग तालग्राम।
-बीआरसी तालग्राम।
-कंपोजिट विद्यालय अकबरपुर छिबरामऊ।
-कंपोजिट स्कूल घिलोई छिबरामऊ।
-प्राथमिक सकूल लड़ैता छिबरामऊ।
13 मई को हो चुकी मांग
बहादुरपुर उजैना के प्राथमिक स्कूल के लिए जमीन दिलाने की मांग इंटर कॉलेज के एक शिक्षक ने 13 मई को की थी। आईजीआरएस पर उसका निस्तारण 20 मई को कर दिया गया। उसमें कह दिया गया कि 100 मीटर की परिधि में कोई जमीन नहीं है, जिसमें स्कूल भवन बन सके। बहादुरपुर उजैना के छात्र-छात्राओं को जसौली प्राथमिक स्कूल में भेजे जाने की बात कही जा रही है।
जिन स्कूलों का पूरा भवन जा रहा है, उसके लिए जमीन की जरूरत है। एडीएम ने गांव में ही जमीन दिलाने का आश्वासन दिया है। कुछ विद्यालयों का आंशिक हिस्सा प्रभावित हुआ है।- कौस्तुभ कुमार सिंह, बीएसए।
सदर तहसील क्षेत्र में प्राथमिक स्कूल बहादुरपुर उजैना का ही भवन जा रहा है। जमीन चिह्नित हो गई है, लेकिन अभी बैनामा नहीं हुआ है। प्रक्रिया चल रही है। -उमाकांत तिवारी, एसडीएम।

फोटो:15: तालग्राम के प्राथमिक स्कूल सरायदौलत के बच्चे भी पंचायत सचिवालय में पढ़ते हैं।संवाद- फोटो : KANNAUJ

फोटो:16: प्राथमिक स्कूल सरायदौलत के कक्ष जीटी रोड चौड़ीकरण की वजह से गिरा गए हैं। संवाद- फोटो : KANNAUJ