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तीन दिनों में धान का भुगतान न हुआ तो होगी कार्रवाई
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कन्नौज। धान की खरीद करने के बाद दो निजी कंपनियों ने किसानों के खाते में रकम नहीं पहुंचाई। उन्हें तीन दिन की मोहलत दी गई है। यदि किसानों का यह भुगतान नहीं कर सके तो कार्रवाई की जाएगी। अभी इन कंपनियों ने अपने छह केंद्रों पर महज तीस फीसदी किसानों का भुगतान किया है। इसी वजह से चार दिन पहले तीन दिन के लिए इनके केंद्रों पर धान की खरीद रोक दी गई थी।
जिले में 33 धान खरीद केंद्र खोले गए थे। इनमें एनसीसीएफ के दो केंद्र प्रेमपुर व दौलतपुर में, नेफेड के चार केंद्र हसेरन, खड़नी, रसूलपुर, मंडी छिबरामऊ में हैं। इन केंद्रों में धान बेचने वाले तमाम किसानों का भुगतान नहीं हो रहा था। इससे किसानों का 1.87 करोड़ रुपये फंस गया। इस पर शासन ने इन केंद्रों पर धान की खरीद करने पर तीन दिन के लिए रोक लगाई। बाद में कंपनी के एमडी के आश्वासन पर केंद्र इस शर्त पर खोले गए कि वह सात दिनों में सभी किसानों का भुगतान कर देंगे। अल्टीमेटम के बाद भी चार दिन बीत चुके हैं, अब केवल तीन दिन बचा है। ऐसे में 70 फीसदी भुगतान अभी भी नहीं हो सका है।
निजी कंपनी के जिले में खुले छह धान खरीद केंद्रों पर शुरुआती समय से ही लापरवाही बरती गई। कई-कई दिन तो केंद्र प्रभारी केंद्र खोलने नहीं पहुंचे। जब अधिकारियों के पास शिकायत पहुंची तो केंद्र खोले गए। इसके बाद किसानों की धान खराब बताकर वापस किया जाने लगा। यह बात भी अधिकारियों तक पहुंची। इस पर अधिकारियों ने चेतावनी दी तो खरीद में तेजी आई। अब धान की खरीद हो गई तो किसानों का भुगतान फंस गया है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी समरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में खुले छह धान खरीद केंद्रों को किसानों का भुगतान सात दिन में हर हाल में करना है। यदि यह नहीं करते हैं तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। केंद्र किसानों का भुगतान करने का प्रयास कर रहे हैं।
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जिले में 33 धान खरीद केंद्र खोले गए थे। इनमें एनसीसीएफ के दो केंद्र प्रेमपुर व दौलतपुर में, नेफेड के चार केंद्र हसेरन, खड़नी, रसूलपुर, मंडी छिबरामऊ में हैं। इन केंद्रों में धान बेचने वाले तमाम किसानों का भुगतान नहीं हो रहा था। इससे किसानों का 1.87 करोड़ रुपये फंस गया। इस पर शासन ने इन केंद्रों पर धान की खरीद करने पर तीन दिन के लिए रोक लगाई। बाद में कंपनी के एमडी के आश्वासन पर केंद्र इस शर्त पर खोले गए कि वह सात दिनों में सभी किसानों का भुगतान कर देंगे। अल्टीमेटम के बाद भी चार दिन बीत चुके हैं, अब केवल तीन दिन बचा है। ऐसे में 70 फीसदी भुगतान अभी भी नहीं हो सका है।
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निजी कंपनी के जिले में खुले छह धान खरीद केंद्रों पर शुरुआती समय से ही लापरवाही बरती गई। कई-कई दिन तो केंद्र प्रभारी केंद्र खोलने नहीं पहुंचे। जब अधिकारियों के पास शिकायत पहुंची तो केंद्र खोले गए। इसके बाद किसानों की धान खराब बताकर वापस किया जाने लगा। यह बात भी अधिकारियों तक पहुंची। इस पर अधिकारियों ने चेतावनी दी तो खरीद में तेजी आई। अब धान की खरीद हो गई तो किसानों का भुगतान फंस गया है।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी समरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में खुले छह धान खरीद केंद्रों को किसानों का भुगतान सात दिन में हर हाल में करना है। यदि यह नहीं करते हैं तो संबंधित पर कार्रवाई होगी। केंद्र किसानों का भुगतान करने का प्रयास कर रहे हैं।