{"_id":"5e6e70b98ebc3ea81b1ff7e4","slug":"kannauj-news-corona-kannauj-news-knp5505435137","type":"story","status":"publish","title_hn":"आइसोलेशन वार्ड रविवार को नहीं खुला ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आइसोलेशन वार्ड रविवार को नहीं खुला ताला
विज्ञापन
कन्नौज। कोराना वायरस को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। विदेश यात्रा से लौटने वाले हर व्यक्ति की जांच हो रही है। वायरस को लेकर सतर्कता बरत रहे स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में तीन बेड व राजकीय मेडिकल कालेज में दस बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया है। यहां पर किसी तरह की सुविधा नहीं है। रविवार को जिला अस्पताल में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड का ताला ही नहीं खुला।
जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के नाम पर महज खानापूरी कर दी गई है। वार्ड में पहले से तीन बेड पड़े हुए हैं। मुख्य गेट पर केवल एक स्लिप कोराना वार्ड की लगा दी गई है। इसके अलावा वार्ड में किसी तरह की सुविधा नहीं है। शासन लगातार सभी को सावधानी बरतने के निर्देश दे रहा है, लेकिन अस्पताल में किसी तरह की सावधानी नहीं बरती जा रही है। शासन से जारी निर्देश में कहा गया कि बचाव के लिए हर कोई दिन में छह से सात बार हाथ धोए। इसके लिए बाथरूम में साबुन रखवाया जाए, लेकिन जिला अस्पताल में कहीं पर भी साबुन नहीं रखवाया गया, जिससे मरीज अपने हाथ धो सकें। वार्डों में सैनिटाइजर भी नहीं रखा गया। मरीजों के लिए मास्क की भी व्यवस्था नहीं है। इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले कुछ कर्मचारियों को मास्क बंटवाए गए। इसके अलावा अन्य स्टाफ बिना मास्क के ड्यूटी कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.कृष्ण स्वरूप ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। यदि उनके संज्ञान में विदेश यात्रा से लौटने वाले किसी व्यक्ति की जानकारी होती है। तत्काल उनको सूचित करें। ताकि उसकी जांच-पड़ताल कराई जा सके। यदि वायरस से संक्रमित हो तो उसको इलाज शुरू हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड के नाम पर महज खानापूरी कर दी गई है। वार्ड में पहले से तीन बेड पड़े हुए हैं। मुख्य गेट पर केवल एक स्लिप कोराना वार्ड की लगा दी गई है। इसके अलावा वार्ड में किसी तरह की सुविधा नहीं है। शासन लगातार सभी को सावधानी बरतने के निर्देश दे रहा है, लेकिन अस्पताल में किसी तरह की सावधानी नहीं बरती जा रही है। शासन से जारी निर्देश में कहा गया कि बचाव के लिए हर कोई दिन में छह से सात बार हाथ धोए। इसके लिए बाथरूम में साबुन रखवाया जाए, लेकिन जिला अस्पताल में कहीं पर भी साबुन नहीं रखवाया गया, जिससे मरीज अपने हाथ धो सकें। वार्डों में सैनिटाइजर भी नहीं रखा गया। मरीजों के लिए मास्क की भी व्यवस्था नहीं है। इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले कुछ कर्मचारियों को मास्क बंटवाए गए। इसके अलावा अन्य स्टाफ बिना मास्क के ड्यूटी कर रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.कृष्ण स्वरूप ने बताया कि सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। यदि उनके संज्ञान में विदेश यात्रा से लौटने वाले किसी व्यक्ति की जानकारी होती है। तत्काल उनको सूचित करें। ताकि उसकी जांच-पड़ताल कराई जा सके। यदि वायरस से संक्रमित हो तो उसको इलाज शुरू हो सके।
विज्ञापन