{"_id":"62264fc4572b9a34a5315e1b","slug":"kannauj-kannauj-news-corona-kannauj-news-knp684411176","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना बना गले की फांस...किसी को दो तो किसी को चार माह से आ रही खांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना बना गले की फांस...किसी को दो तो किसी को चार माह से आ रही खांसी
विज्ञापन
तिर्वा। आम लोगों की जागरुकता के चलते कोरोना की तीसरी लहर कारगर नहीं हो सकी है। इसके बावजूद संक्रमण अब लोगों की गले की फांस बना हुआ है। कोरोना से ठीक हुए मरीजों में से किसी को दो माह से तो किसी को चार माह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यह ऐसी समस्या कि मरीज न तो रात को सो पाते हैं और न ही दिन को चैन मिलता है। ऐसी स्थिति में मरीज मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। यही नहीं लगातार खांसी से मरीजों को सिर दर्द, सीने में दर्द और कमर दर्द शुरू हो जाता है।
कोरोना से ठीक हुए दर्जनों मरीजों के गले में संक्रमण हो गया है। इसके इलाज पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। डॉक्टरों की मानें तो कोरोना के बाद जिन मरीजों को लंग्स फाइबेसिस हुआ था, उन्हें गले का इंफेक्शन सबसे अधिक होता है। सांस की नली भी डैमेज हो जाती है।
केस-एक
अतुल भट्ट ने बताया कि उन्हें सितंबर 2020 में कोविड हो गया था। इसके बाद उनका करीब एक माह तक इलाज चला था, लेकिन एक साल से अधिक समय होने के बाद भी उन्हें खांसी जैसी कुछ-कुछ तकलीफ रहती है। पैदल चलने में सांस फूलने लगती है और सिर चकराने लगता है।
विज्ञापन
केस- दो
गोलू पांडेय ने बताया कि जब वे कोविड से संक्रमित हुए थे, तब से उन्हें कमजोरी महसूस होती रहती है। कोविड तो ठीक हो गया पर ज्यादा दूर पैदल चलने के दौरान घबराहट होने लगती है। सिर दर्द होने से अक्सर चक्कर आने लगते हैं।
केेस- तीन
लाखन सिंह ने बताया कि मार्च 2021 में वह कोविड़ संक्रमित हुए थे। करीब 15 दिन उनका इलाज चला था। तब से उन्हे कमजारी महसूस होती रहती है। जल्दी-जल्दी खांसी हो जाती है। थकान भी लगती है।
केेस-चार
संतोष कुमार ने बताया कि अप्रैल 2021 मे यात्रा के दौरान कोरोना हो गया था। सांस लेने में तकलीफ होने पर उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चला था। तब से उन्हें कमजोरी महसूस होती है। अधिक काम करने पर सांस फूलने लगती है।
डॉ. अनूप चंद्रा ने बताया कि अधिक उम्र (40 से 60) के व्यक्ति कोविड संक्रामित हो जाते हैं तो उनकी रिकवरी में कुछ समय लगता है। ऐसे व्यक्ति सुबह, शाम नियमित रूप से व्यायाम करें। पानी का सेवन अधिक करें। पेट भरकर खाना खाएं, खाने मे हरी सब्जियों का प्रयोग अधिक करें। शरीर की कमजोरी जल्द दूर हो सके।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि लोगों को कोविड होने से उनके फेफड़े सबसे अधिक संक्रमित होते हैं। इससे उन्हें दिक्कत होती है। ठीक होने के बाद भी मरीज को महीनों लग जाते हैं। स्वस्थ होने के बाद भी मरीजों को काफी सावधानियां बरतने की जरूरत है।
इनसेट
ऐसे करें बचाव
- लोग भीड़ वाली जगहों पर न जाएं।
- सुबह, शाम व्यायाम करें।
- ताजा भोजन का सेवन करें।
- पानी का सेवन अधिक करें।
- नियमित पौष्टिक आहार लें।
विज्ञापन
कोरोना से ठीक हुए दर्जनों मरीजों के गले में संक्रमण हो गया है। इसके इलाज पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल रही है। डॉक्टरों की मानें तो कोरोना के बाद जिन मरीजों को लंग्स फाइबेसिस हुआ था, उन्हें गले का इंफेक्शन सबसे अधिक होता है। सांस की नली भी डैमेज हो जाती है।
विज्ञापन
केस-एक
अतुल भट्ट ने बताया कि उन्हें सितंबर 2020 में कोविड हो गया था। इसके बाद उनका करीब एक माह तक इलाज चला था, लेकिन एक साल से अधिक समय होने के बाद भी उन्हें खांसी जैसी कुछ-कुछ तकलीफ रहती है। पैदल चलने में सांस फूलने लगती है और सिर चकराने लगता है।
विज्ञापन
केस- दो
गोलू पांडेय ने बताया कि जब वे कोविड से संक्रमित हुए थे, तब से उन्हें कमजोरी महसूस होती रहती है। कोविड तो ठीक हो गया पर ज्यादा दूर पैदल चलने के दौरान घबराहट होने लगती है। सिर दर्द होने से अक्सर चक्कर आने लगते हैं।
केेस- तीन
लाखन सिंह ने बताया कि मार्च 2021 में वह कोविड़ संक्रमित हुए थे। करीब 15 दिन उनका इलाज चला था। तब से उन्हे कमजारी महसूस होती रहती है। जल्दी-जल्दी खांसी हो जाती है। थकान भी लगती है।
केेस-चार
संतोष कुमार ने बताया कि अप्रैल 2021 मे यात्रा के दौरान कोरोना हो गया था। सांस लेने में तकलीफ होने पर उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चला था। तब से उन्हें कमजोरी महसूस होती है। अधिक काम करने पर सांस फूलने लगती है।
डॉ. अनूप चंद्रा ने बताया कि अधिक उम्र (40 से 60) के व्यक्ति कोविड संक्रामित हो जाते हैं तो उनकी रिकवरी में कुछ समय लगता है। ऐसे व्यक्ति सुबह, शाम नियमित रूप से व्यायाम करें। पानी का सेवन अधिक करें। पेट भरकर खाना खाएं, खाने मे हरी सब्जियों का प्रयोग अधिक करें। शरीर की कमजोरी जल्द दूर हो सके।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि लोगों को कोविड होने से उनके फेफड़े सबसे अधिक संक्रमित होते हैं। इससे उन्हें दिक्कत होती है। ठीक होने के बाद भी मरीज को महीनों लग जाते हैं। स्वस्थ होने के बाद भी मरीजों को काफी सावधानियां बरतने की जरूरत है।
इनसेट
ऐसे करें बचाव
- लोग भीड़ वाली जगहों पर न जाएं।
- सुबह, शाम व्यायाम करें।
- ताजा भोजन का सेवन करें।
- पानी का सेवन अधिक करें।
- नियमित पौष्टिक आहार लें।