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कन्नौज मूर्ति बवाल: पसंद, टिप्पणी और साझा की बेचैनी से ‘दांव’ पर अमन

Fri, 27 Aug 2021 11:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 11:42 PM IST
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Kannauj idol ruckus: Peace at 'stake' from restlessness of likes, comments and shares
सौरिख तिराहा स्थित पार्क में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा। (फाइल फोटो) - फोटो : CHIBRAMAU
कन्नौज। शहर के सौरिख तिराहे पर रखी गई बुद्ध मूर्ति गुरुवार देर रात हटा दी गई। इस दौरान उपद्रव बचा रहने से प्रशासन सुस्त हो गया। वहीं सोशल मीडिया पर लाइक, कमेंट और शेयर यानी पसंद, टिप्पणी और साझा की बेचैनी ने अमन को ‘दांव’ पर धर दिया है। युवाओं की सियासी नासमझी जातीय संघर्ष की नौबत खड़ी कर सकती है। इनके लिए लाइक और कमेंट अपनी सियासी हैसियत पुख्ता करने का जरिया हैं। इसका अंदाजा नहीं है कि यह बड़ी मुसीबत भी साबित हो सकते हैं। इस और प्रशासन की अनदेखी उसे ही नहीं शहर के अमनपसंद लोगों को भी भारी पड़ सकती है।
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शहर के सौरिख तिराहा पार्क में मंगलवार रात बुद्ध प्रतिमा रख दी गई थी। बुधवार सुबह यह आम होने के बाद सोशल मीडिया (फेसबुक) पर पोस्ट डालने का सिलसिला शुरू हो गया। पोस्ट डालने वाले और मूर्ति की हिमायत करने वालों के अहम को लाइक, कमेेंट और शेयर पुख्ता करने लगे। बात जाति से शुरू होेकर वर्गों के बीच तनने लगी। भद्दी टिप्पणियों का सिलसिला बढ़ने लगा। यह मूर्ति हटने के बाद भी जारी है। इससे बाहर से ठंडा लेकिन अंदर से खदबदा रहा माहौल जातीय संघर्ष को भड़का सकता है। इस ओर पुलिस और प्रशासन की नजर नहीं है। यूं पूरे मामले के पीछे फेसबुक पर लाइक, कमेंट की हैसियत का आकलन ही रहा।
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अपने वर्ग का समर्थन जुटाने के लिए अलग-अलग तबकेे के लोग यहां प्रतिमा रखने की मांग करते रहे हैं। यहां कभी महाराणा प्रताप, कभी परशुराम और कभी महात्मा बुद्ध की प्रतिमा रखने के लिए नगर पालिका के जिम्मेदारों से भी मांग की गई थी। वह किसी को ठोस जवाब नहीं दे पाए। इससे उकसाने और टिप्पणी की सुर्रेबाजी चलती रही। इसी से बाजी मारने और फेसबुक पर जवाब की बजाय किसी ने रात में बुद्ध की प्रतिमा स्थापित कर दी। उकसाने का खेल तब भी बंद नहीं हुआ। इसका नतीजा बवाल, उपद्रव और पत्थरबाजी बतौर सामने आया। युवाओं की सोशल मीडिया पर बेचैनी अभी भी जारी है। इसका असर जातीय गोलबंदी और आगामी विधानसभा चुनाव दोनों पर पड़ सकता है। उधर, भाजपा में अपनी छिबरामऊ सीट को लेकर पूर्व मंत्री अर्चना पांडेय और नगर पालिका चेयरमैन राजीव दुबे के चेहरे पर भी बेचैनी देखी जा रही है। बुद्ध प्रतिमा के सहारे विपक्षी खेमे के भी फेसबुक लाइव चलाने के बाद दिखी रुचि भी काबिलेगौर हो गई है।
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