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Kannauj Case: आठ साल से हिस्ट्रीशीटर मुनुआ ने खुद को घर में किया कैद, 2015 में पत्नी को बनवाया प्रधान, फिर...

Wed, 27 Dec 2023 10:08 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज
अमर उजाला नेटवर्क, कन्नौज Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 27 Dec 2023 10:08 AM IST
सार

कन्नौज के छिबरामऊ के जवानी की दहलीज पर पांव रखते ही मुनुआ यादव अपराध की ओर सक्रिय हो गया। व्यापारियों से रंगदारी वसूलने से लेकर उन पर रुतबा गालिब करना मुनुआ का शौक बन गया। रंगदारी न देने पर वर्ष 1998 में गांव के रामसरोवर की हत्या कर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था।

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Kannauj Case History-sheeter Ashok Yadav Manua Yadav imprisoned himself in his house for eight years
Kannauj Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पत्नी को गांव की प्रधान बनवाने के बाद से हिस्ट्रीशीटर ने गांव के बाहर बने मकान में खुद को कैद कर लिया। उसने न सिर्फ ग्रामीणों और रिश्तेदारों से नाता तोड़ा, बल्कि वह घर से भी बाहर नहीं निकलता था। आलम यह था कि वर्ष 2021 के चुनाव में जब पत्नी प्रधान पद के लिए मैदान में थी तो वह खुद को वोट डालने भी नहीं गया।
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वर्ष 2014 में जेल से छूटने के बाद पहले तो हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ उर्फ मुन्ना घर पर नहीं रहा। वर्ष 2015 में जब पत्नी ने प्रधान का चुनाव जीत लिया तो उसने गांव के बाहर तिराहे पर खेत में किलानुमा घर बनवाया और इसी में रहने लगा। प्रधान के इस कार्यकाल के अलावा पिछले आठ साल से वह घर से नहीं निकला। 
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वह लोगों से मिलने से परहेज करता था। गांव व रिश्तेदारी में आनेजाने की जिम्मेदारी उसने पत्नी को दे रखी थी। आलम यह था कि वर्ष 2021 में पत्नी के चुनाव में वह खुद वोट डालने भी नहीं गया था। आपराधिक इतिहास की बात करें तो हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ वर्ष 2016 के बाद से कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
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पत्नी की हार से बौखलाकर ग्रामीणों की करता था धुनाई
मजबूत कद और हष्टपुष्ट शरीर वाला हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव से मिलने से ग्रामीण भी डरते थे। पत्नी की हार के बाद उसे जिस पर वोट न देने की आशंका हुई, उसकी पिटाई कर दी। मुनुआ यादव ने अभिलाख उर्फ बाबा की वोट न देने के कारण पिटाई कर दी। इस मामले में उसके खिलाफ विशुनगढ़ थाने में एनसीआर भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि उसके हाथों पिटने वाले कई ग्रामीण हिस्ट्रीशीटर की शिकायत करने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाए।

500 मतों से जीतकर पत्नी को बनाया था प्रधान
वर्ष 2014 में जेल से छूटकर हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ ने पत्नी श्यामा देवी को प्रधानी का चुनाव लड़ाने की योजना बनाई। धरनीधरपुर नगरिया गांव में दीनपुर, कमलपुर, नगरिया व धीरपुर गांव भी लगते हैं। हालांकि वह घर पर नहीं रहता था।

वर्ष 2015 में पत्नी श्यामा देवी ने प्रतिद्वंदी को 500 से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। हालांकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में पत्नी फिर से प्रधान पद पर चुनाव लड़ी लेकिन वह 59 वोट से प्रतिद्वंदी गौरव यादव से हार गई थी।

भूख-प्यास से तड़पते रहे जानवर
हिस्ट्रीशीटर मुनुआ यादव, बेटे अभयराज यादव व पत्नी श्यामा देवी की गिरफ्तारी के बाद घर के गेट पर ताला लटक गया। मंगलवार को सुबह से ही बंद घर में बंधे जानवर भूख और प्यास के कारण तड़प कर चिल्लाते रहे लेकिन कोई भी ग्रामीण चाहकर भी इन बेजुबानों को चारा पानी नहीं दे सका। देर शाम जब एडीजी आलोक कुमार, आईजी प्रशांत कुमार व डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल मौके पर पहुंचे तब इन जानवरों को निकलवाकर प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया गया।

राइफल लूट का एक आरोपी 24 साल बाद भी है फरार
बहन की शादी में पैरोल पर आने के दौरान सिपाहियों को बेहोश कर राइफल लूटने का आरोपी सुखवीर 24 साल बीतने के बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। वह अब कहां पर है, इसकी जानकारी नहीं है। दबी जुबां में ग्रामीणों का कहना है कि सुखवीर कभी-कभी गांव भी आता था।
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