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Kannauj News: उद्योग कर सकते हैं शुरू, सरकार देगी संसाधन
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तिर्वा। मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम सभागार में प्रदेश में पूंजी निवेश व रोजगार सृजन के लिए युवाओं के साथ एक दिवसीय उद्यम संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि कानपुर मंडल के मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख करोड़ का निवेश प्रारंभ होने जा रहा है। जिससे भारी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। खुद का बिजनेस करने से तरक्की की संभावनाएं होने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार मिलता है। छोटा हो या बड़ा प्रत्येक कार्य को लगनशील होकर करना चाहिए। अधिकांश लोगों को अपनी क्षमताओं का पता नहीं रहता है, अपने काम को मन लगाकर करें और नए-नए आइडिया को बढ़ावा दें, तभी अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि काम को आसान करने को ही स्टार्टअप कहते हैं। प्रैक्टिकल नॉलेज से कठिन कार्य को आसानी से कर सकते हैं, जो प्रैक्टिकल नॉलेज कभी-कभी पढ़े-लिखे लोगों के पास नहीं होता है। नए-नए आइडिया के साथ उद्योग में बदलाव करना होगा, जिससे अच्छा रोजगार चले, रोजगार मिले और आय में वृद्धि हो सके। आज जो बड़े उद्योग चला रहे हैं, उन्होंने भी छोटे उद्योग से शुरुआत की और लगन के साथ मेहनत कर छोटे उद्योग को बड़े रूप में बदला है।
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उन्होंने कहा कि जो लोग रोजगार शुरू करना चाहते हैं। उद्योग विभाग से संपर्क कर योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं। छोटा या बड़ा उद्योग शुरू कर सकते हैं, संसाधन सरकार देगी। सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान संयुक्त उद्योग आयुक्त सुनील कुमार ने रोजगार सृजन के क्षेत्र में एमएसएमई विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर जतिन मिश्रा ने स्टार्टअप नीति के बारे में जानकारी दी। एफएफडीसी के विलास गेडान ने उद्यमिता परक प्रयासों के बारे में लोगों को बताया।
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मुख्य अतिथि कानपुर मंडल के मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख करोड़ का निवेश प्रारंभ होने जा रहा है। जिससे भारी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा। खुद का बिजनेस करने से तरक्की की संभावनाएं होने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार मिलता है। छोटा हो या बड़ा प्रत्येक कार्य को लगनशील होकर करना चाहिए। अधिकांश लोगों को अपनी क्षमताओं का पता नहीं रहता है, अपने काम को मन लगाकर करें और नए-नए आइडिया को बढ़ावा दें, तभी अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि काम को आसान करने को ही स्टार्टअप कहते हैं। प्रैक्टिकल नॉलेज से कठिन कार्य को आसानी से कर सकते हैं, जो प्रैक्टिकल नॉलेज कभी-कभी पढ़े-लिखे लोगों के पास नहीं होता है। नए-नए आइडिया के साथ उद्योग में बदलाव करना होगा, जिससे अच्छा रोजगार चले, रोजगार मिले और आय में वृद्धि हो सके। आज जो बड़े उद्योग चला रहे हैं, उन्होंने भी छोटे उद्योग से शुरुआत की और लगन के साथ मेहनत कर छोटे उद्योग को बड़े रूप में बदला है।
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उन्होंने कहा कि जो लोग रोजगार शुरू करना चाहते हैं। उद्योग विभाग से संपर्क कर योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं। छोटा या बड़ा उद्योग शुरू कर सकते हैं, संसाधन सरकार देगी। सरकार सभी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इस दौरान संयुक्त उद्योग आयुक्त सुनील कुमार ने रोजगार सृजन के क्षेत्र में एमएसएमई विभाग की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर जतिन मिश्रा ने स्टार्टअप नीति के बारे में जानकारी दी। एफएफडीसी के विलास गेडान ने उद्यमिता परक प्रयासों के बारे में लोगों को बताया।