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मांगें न मानी गईं तो विधान परिषद में लाया जाएगा काम रोको प्रस्ताव
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छिबरामऊ(कन्नौज)। हीरालाल वीएन इंटर कालेज में मंगलवार को शिक्षकों की बैठक में शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को सरकार ने शीघ्र पूरा नहीं किया तो विधान परिषद में काम रोको प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके लिए शिक्षक महासंघ जिला और प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन कर आरपार की लड़ाई का मन बना चुका है।
विधायक ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नवीन शिक्षा नीति लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बात कर रही है। दूसरी तरफ माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में 80 फीसदी शिक्षकों के पद रिक्त हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता कालेजों में नहीं हैं। कई विद्यालय अध्यापक विहीन हैं। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। सरकार शिक्षकों को सुविधाओं से वंचित कर रही है। पुरानी पेंशन छीन ली गई है। सामूहिक बीमा 2014 से बंद कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नौ मार्च को शिक्षा मंत्री की तरफ से प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया गया था कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिया जाएगा। समान वेतन दिया जाएगा। अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने यदि सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो 18 जुलाई से शुरू होने वाले विधान परिषद के सत्र में काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार पर मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाया जाएगा। फिर भी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो शिक्षक महासंघ जिला व प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगा। शिक्षक महासंघ में माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ संयुक्त रूप जुड़ा है।
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शिक्षक विधायक ने कहा कि अब शिक्षकों ने अपनी मांगों के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री श्रीकृष्ण यादव, माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य कौशल किशोर चतुर्वेदी, हीरालाल वीएन इंटर कालेज के प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह यादव ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला मंत्री राजेश कुमार यादव, आनंद बाबू यादव, दीपक तिवारी, राधा बल्लभ मिश्रा, लखन प्रताप सिंह, समीर सिंह चौहान, गोविंद बाबू सक्सेना समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे। इससे पूर्व शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने तेराजाकेट स्थित एसईएन इंटर कालेज समेत कई कालेजों में शिक्षकों से मुलाकात की। इनकी समस्याएं जानीं।
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विधायक ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नवीन शिक्षा नीति लाकर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की बात कर रही है। दूसरी तरफ माध्यमिक सहायता प्राप्त विद्यालयों में 80 फीसदी शिक्षकों के पद रिक्त हैं। भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता कालेजों में नहीं हैं। कई विद्यालय अध्यापक विहीन हैं। सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। सरकार शिक्षकों को सुविधाओं से वंचित कर रही है। पुरानी पेंशन छीन ली गई है। सामूहिक बीमा 2014 से बंद कर दिया गया है।
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उन्होंने कहा कि नौ मार्च को शिक्षा मंत्री की तरफ से प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया गया था कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिया जाएगा। समान वेतन दिया जाएगा। अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने यदि सकारात्मक रुख नहीं अपनाया तो 18 जुलाई से शुरू होने वाले विधान परिषद के सत्र में काम रोको प्रस्ताव लाकर सरकार पर मांगों को पूरा कराने का दबाव बनाया जाएगा। फिर भी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो शिक्षक महासंघ जिला व प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन करेगा। शिक्षक महासंघ में माध्यमिक व प्राथमिक शिक्षक संघ संयुक्त रूप जुड़ा है।
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शिक्षक विधायक ने कहा कि अब शिक्षकों ने अपनी मांगों के लिए आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री श्रीकृष्ण यादव, माध्यमिक शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य कौशल किशोर चतुर्वेदी, हीरालाल वीएन इंटर कालेज के प्रधानाध्यापक जितेंद्र सिंह यादव ने भी संबोधित किया। इस दौरान जिला मंत्री राजेश कुमार यादव, आनंद बाबू यादव, दीपक तिवारी, राधा बल्लभ मिश्रा, लखन प्रताप सिंह, समीर सिंह चौहान, गोविंद बाबू सक्सेना समेत तमाम शिक्षक मौजूद रहे। इससे पूर्व शिक्षक विधायक जगवीर किशोर जैन ने तेराजाकेट स्थित एसईएन इंटर कालेज समेत कई कालेजों में शिक्षकों से मुलाकात की। इनकी समस्याएं जानीं।