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सैकड़ों लीटर शराब बरामद
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 21 Nov 2015 11:42 PM IST
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कोतवाली से महज चंद कदम की दूरी पर धड़ल्ले से शराब
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की भट्ठियां सुलग रही हैं। एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने शनिवार की
शाम एसडीएम ओर सीओ की मौजूदगी में पीएसी के साथ नगर की गिहार कालोनी में
धाबा बोल दो लोगों को गिरफ्तार कर सैकड़ों लीटर तैयार शराब, हजारों लीटर
लहन और शराब बनाने के उपकरण बरामद किए। पुलिस ने टट्टर की झोपड़ियों को
तहस-नहस कर दिया।
शनिवार की शाम गिहार कालोनी में उस समय हड़कंप मच गया। जब भारी संख्या में पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देख कालोनी के लोग भाग खड़े हुए। सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही बचे। पुलिस ने सबसे पहले सड़क किनारे रखी टट्टर की झोपड़ियों तोड़ डाला। इसके बाद कालोनी के अंदर घरों में घुसकर तलाशी ली।
इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में तैयार शराब पैकेटों, बोतलों और 15 लीटर की प्लास्टिक कैनों में हजारों लीटर शराब बरामद हुई। घरों से लहन से भरे सैकड़ों की संख्या में मिले डिब्बों को बाहर निकालकर लहन नालियों में बहा दिया। शराब बनाने की भट्ठियों के साथ उपकरण, दर्जनों गैस सिलेंडर और गैस चूल्हे भी मौके से बरामद हुए।
बरामद माल को गाड़ियों से लदवाकर कोतवाली भिजवाया गया। कम कीमत पर मुहैया होने वाली यह कच्ची शराब प्रत्याशी खरीद कर अपने समर्थकों को उपलब्ध कराते हैं। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान बरामद हजारों लीटर कच्ची शराब और शराब बनाने के लिए स्टाक किया गया हजारों लीटर लहन इसकी बानगी भर है।
उधर, भट्ठियों से तैयार कच्ची शराब 10 रुपये में एक गिलास बेंची जाती है। सस्ती होने से लोग इसे पीते हैं। डाक्टरों के अनुसार कच्ची शराब में कम लागत में अधिक नशा देने को खतरनाक कैमिकल, यूरिया, एक्सपायरी दवाएं आदि मिलाई जाती है। इस कारण पीने वाले की किडनी, लीवर चौपट हो जाते है।
यह कैमिकल शरीर पर इतना तेज असर करते है कि जान पर बन आती है। यूरिया, घातक दवाओं के मिलावट के कारण आंख की रोशनी चली जाती है।
शनिवार की शाम गिहार कालोनी में उस समय हड़कंप मच गया। जब भारी संख्या में पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देख कालोनी के लोग भाग खड़े हुए। सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही बचे। पुलिस ने सबसे पहले सड़क किनारे रखी टट्टर की झोपड़ियों तोड़ डाला। इसके बाद कालोनी के अंदर घरों में घुसकर तलाशी ली।
इस दौरान पुलिस को भारी मात्रा में तैयार शराब पैकेटों, बोतलों और 15 लीटर की प्लास्टिक कैनों में हजारों लीटर शराब बरामद हुई। घरों से लहन से भरे सैकड़ों की संख्या में मिले डिब्बों को बाहर निकालकर लहन नालियों में बहा दिया। शराब बनाने की भट्ठियों के साथ उपकरण, दर्जनों गैस सिलेंडर और गैस चूल्हे भी मौके से बरामद हुए।
बरामद माल को गाड़ियों से लदवाकर कोतवाली भिजवाया गया। कम कीमत पर मुहैया होने वाली यह कच्ची शराब प्रत्याशी खरीद कर अपने समर्थकों को उपलब्ध कराते हैं। पुलिसिया कार्रवाई के दौरान बरामद हजारों लीटर कच्ची शराब और शराब बनाने के लिए स्टाक किया गया हजारों लीटर लहन इसकी बानगी भर है।
उधर, भट्ठियों से तैयार कच्ची शराब 10 रुपये में एक गिलास बेंची जाती है। सस्ती होने से लोग इसे पीते हैं। डाक्टरों के अनुसार कच्ची शराब में कम लागत में अधिक नशा देने को खतरनाक कैमिकल, यूरिया, एक्सपायरी दवाएं आदि मिलाई जाती है। इस कारण पीने वाले की किडनी, लीवर चौपट हो जाते है।
यह कैमिकल शरीर पर इतना तेज असर करते है कि जान पर बन आती है। यूरिया, घातक दवाओं के मिलावट के कारण आंख की रोशनी चली जाती है।