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बच्चों का हाल जानने पहुंची खाद्य सुरक्षा टीम
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तिर्वा। गुझिया खाने से पांच बच्चों की हालत खराब होने के अगले दिन मंगलवार को खाद्य सुरक्षा टीम पीड़ित के घर पहुंची। टीम ने जानकारी लेते हुए रखा सामान न खाने की सलाह दी।
ठठिया के सरसई भड़ाह गांव निवासी केशराम के बच्चों चंदन, प्रियांशु, दिव्यांशु, इतवारी लाल, डिंपल की हालत सोमवार को गुझिया खाने से खराब हो गई थी। परिजनों ने उन्हें बेहोशी हालत में मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। यहां उपचार के बाद बच्चों की हालत में सुधार हो गया था।
फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर मंगलवार सुबह खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत ने परिजनों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार समेत ग्रामीणों से कहा कि कोई भी व्यक्ति काफी समय से रखा हुआ खाद्य पदार्थ सेवन न करें। रखे हुए खाद्य सामग्री में खतरनाक बैक्टीरिया पनप जाते हैं। इसे खाने से तबीयत बिगड़ना तय है। शुद्ध व ताजा खाद्य पदार्थ खाने की आदत डालें।
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ठठिया के सरसई भड़ाह गांव निवासी केशराम के बच्चों चंदन, प्रियांशु, दिव्यांशु, इतवारी लाल, डिंपल की हालत सोमवार को गुझिया खाने से खराब हो गई थी। परिजनों ने उन्हें बेहोशी हालत में मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। यहां उपचार के बाद बच्चों की हालत में सुधार हो गया था।
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फूड प्वाइजनिंग की सूचना पर मंगलवार सुबह खाद्य सुरक्षा अधिकारी इंद्रजीत ने परिजनों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार समेत ग्रामीणों से कहा कि कोई भी व्यक्ति काफी समय से रखा हुआ खाद्य पदार्थ सेवन न करें। रखे हुए खाद्य सामग्री में खतरनाक बैक्टीरिया पनप जाते हैं। इसे खाने से तबीयत बिगड़ना तय है। शुद्ध व ताजा खाद्य पदार्थ खाने की आदत डालें।
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