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‘परमात्मा की प्राप्ति का साधन है सत्संग’
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:37 PM IST
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एक मार्केट में आयोजित सत्संग में हंसलोक आश्रम दिल्ली से पधारी हरिप्रिया
वाई ने कल्याणकारी सत्संग विचारों से प्रभु भक्तों को भावविभोर करते हुए
कहा कि इस घोर कलिकाल में सत्संग ही मात्र एक ऐसा सुलभ साधन है, जिससे
आत्मा और परमात्मा के संयोग से जीवात्मा परमानंद को प्राप्त कर लेती है।
उन्होंने सत्संग की अपार महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भजन-सत्संग है, मान सरोबर सुखों की खान वंदे। सत्संग से ही मिलते हैं सचमुच भगवान। इस मौके पर आध्यात्मिक शाखा में नव चेतना जागृति हेतु समिति का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष रामसनेही लाल शर्मा, सचिव सतीश चंद्र द्विवेदी प्रधानाध्यापक, कोषाध्यक्ष डॉ. अशोक दुबे एवं प्रचारक बाबा जिलेदार सिंह को बनाया गया।
वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जब तक मानव सच्ची लगन से कर्तव्य पालन नहीं करेगा, समाज का उत्थान संभव नहीं है। कहा कि वास्तविक ज्ञान न होने के कारण ही आज समाज में सुख शांति का अभाव है। इस मौके पर रामचंद्र यादव, मोहनलाल, बाबूराम, रामेंद्र सिंह, यादव ने भजन सुनाकर नवचेतना जागृत की। 10 वर्ष की बालिका नेहा ने भजन जीवन है अनमोल तू राधे-राधे बोल सुनाकर वाहवाही लूटी। अंत में आरती व प्रसाद वितरण के पश्चात कार्यक्रम का समापन कर दिया गया।
उन्होंने सत्संग की अपार महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भजन-सत्संग है, मान सरोबर सुखों की खान वंदे। सत्संग से ही मिलते हैं सचमुच भगवान। इस मौके पर आध्यात्मिक शाखा में नव चेतना जागृति हेतु समिति का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष रामसनेही लाल शर्मा, सचिव सतीश चंद्र द्विवेदी प्रधानाध्यापक, कोषाध्यक्ष डॉ. अशोक दुबे एवं प्रचारक बाबा जिलेदार सिंह को बनाया गया।
वीरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जब तक मानव सच्ची लगन से कर्तव्य पालन नहीं करेगा, समाज का उत्थान संभव नहीं है। कहा कि वास्तविक ज्ञान न होने के कारण ही आज समाज में सुख शांति का अभाव है। इस मौके पर रामचंद्र यादव, मोहनलाल, बाबूराम, रामेंद्र सिंह, यादव ने भजन सुनाकर नवचेतना जागृत की। 10 वर्ष की बालिका नेहा ने भजन जीवन है अनमोल तू राधे-राधे बोल सुनाकर वाहवाही लूटी। अंत में आरती व प्रसाद वितरण के पश्चात कार्यक्रम का समापन कर दिया गया।