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Kannauj News: टीबी जांच के लिए 48 किलोमीटर दूर जाने के लिए मजबूर
Tue, 11 Apr 2023 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:48 PM IST
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छिबरामऊ। तीन माह से नगर के 100 शैया अस्पताल में टीबी जांच की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। डेढ़ माह पहले अस्पताल की सीबी नॉट मशीन को भी जिला मुख्यालय पहुंचा दिया गया, जिससे अस्पताल में आने वाले रोगियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। मरीज जिला मुख्यालय कन्नौज या राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा जाने के लिए मजबूर हैं।
नगर के 100 शैया अस्पताल में मरीजों की टीबी जांच के लिए सीबी नॉट मशीन लगवाई गई थी। इसके लिए डॉ. अशोक यादव को भी तैनात किया गया। अस्पताल में इसी साल सात जनवरी को मरीजों की टीबी जांच हुई थी। सीबी नॉट कक्ष में लगा यूपीएस खराब होने के कारण यह जांच बंद है। सीबी नॉट कक्ष के लैब असिस्टेंट डॉ. अशोक यादव ने यूपीएस सही कराने की मांग की पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
25 फरवरी को जिला क्षय विभाग की तरफ से भेजे गए इंजीनियर सीबी नॉट मशीन के अलावा कंप्यूटर सिस्टम, स्कैनर व कार्टेज को भी साथ ले गए। अब अस्पताल में टीबी जांच के लिए आने वाले मरीजों को लौटना पड़ता है। कई मरीजों को टीबी की जांच कराने के लिए 48 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय या फिर 40 किलोमीटर दूर राजकीय मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में डीटीओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि 100 शैया अस्पताल में स्फुटम से बलगम की जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। अगले सप्ताह तक सीबी नॉट मशीन 100 शैया अस्पताल को वापस कर दी जाएगी।
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नगर के 100 शैया अस्पताल में मरीजों की टीबी जांच के लिए सीबी नॉट मशीन लगवाई गई थी। इसके लिए डॉ. अशोक यादव को भी तैनात किया गया। अस्पताल में इसी साल सात जनवरी को मरीजों की टीबी जांच हुई थी। सीबी नॉट कक्ष में लगा यूपीएस खराब होने के कारण यह जांच बंद है। सीबी नॉट कक्ष के लैब असिस्टेंट डॉ. अशोक यादव ने यूपीएस सही कराने की मांग की पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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25 फरवरी को जिला क्षय विभाग की तरफ से भेजे गए इंजीनियर सीबी नॉट मशीन के अलावा कंप्यूटर सिस्टम, स्कैनर व कार्टेज को भी साथ ले गए। अब अस्पताल में टीबी जांच के लिए आने वाले मरीजों को लौटना पड़ता है। कई मरीजों को टीबी की जांच कराने के लिए 48 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय या फिर 40 किलोमीटर दूर राजकीय मेडिकल कॉलेज जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में डीटीओ डॉ. केपी त्रिपाठी ने बताया कि 100 शैया अस्पताल में स्फुटम से बलगम की जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं। अगले सप्ताह तक सीबी नॉट मशीन 100 शैया अस्पताल को वापस कर दी जाएगी।
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