फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Do not let the dream of selling expensive potatoes be heavy

महंगा आलू बेचने का सपना कहीं न पड़ जाए भारी

Sun, 25 Jul 2021 11:27 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jul 2021 11:27 PM IST
विज्ञापन
Do not let the dream of selling expensive potatoes be heavy
Do not let the dream of selling expensive potatoes be heavy - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। पिछली बार की तरह आलू महंगा होने का लालच कहीं किसानों को भारी न पड़ जाए। आलू का दाम चढ़ने की राह देख रहे किसान कोल्ड स्टोरेज में रखा आलू निकालने अभी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। जिले के 142 कोल्ड स्टोरेज में करीब 12 लाख मीट्रिक टन आलू रखा है। जुलाई तक करीब 40 फीसदी आलू की निकासी हो जारी चाहिए थी, लेकिन अभी तक महज 15 फीसदी ही आलू की निकासी हुई है। यदि समय से आलू की निकासी नहीं हुई तो आलू फेंकने की नौबत आ जाएगी। मुनाफा तो दूर किसानों को लागत भी निकालनी मुश्किल हो जाएगी।
विज्ञापन

जिले में इस बार आलू की अच्छी पैदावार होने के कारण 142 कोल्ड स्टोरेज पूरी तरह भरे हुए हैं। 12 लाख मीट्रिक टन आलू कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। किसान आलू निकालने के लिए अच्छे भाव का इंतजार कर रहा है। फरवरी में आलू जमा किया गया था। अब जुलाई आ गई। होली से सहालग तक का मौका निकल गया लेकिन आलू के भाव में खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई। किसान भाव अधिक होने की उम्मीद में कोल्ड स्टोरेज में आलू का भंडारण रोके हैं।
विज्ञापन

जहां अब तक 40 फीसदी निकासी हो जानी चाहिए थी, वहीं महज 15 फीसदी ही आलू की निकासी हुई है। यदि इसी किसानों ने समय से आलू नहीं बेचा तो हालत और खराब हो जाएंगे। बताया जाता है बाढ़ का कहर होने से बिहार, महाराष्ट्र समेत अन्य प्रांतों में आलू नहीं पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जो आलू बाहर जाता था, वह भी नहीं जा रहा है। इसके चलते आलू का भाव खास नहीं बढ़ा है। शुरुआती सीजन में आलू का भाव पांच सौ रुपये पैकेट (50-60 किलो) पहुंच गया था। किसानों ने यह सोच कर आलू नहीं बेचा कि आने वाले समय में भाव और अधिक होंगे, लेकिन महंगा होने के बजाय दाम गिर गए। इससे किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। बताते हैं कि आलू की जो निकासी हो रही है, वह व्यापारी खुद के रखे आलू की कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि भाव और नीचे आए तो ज्यादा नुकसान होगा।
कोल्ड स्टोरेज में आलू के भाव
आलू की किस्म भाव प्रति पैकेट
चिप्सोना 300 से 310 रुपये
हॉलैंड 400 से 425 रुपये
लाल गुलाल 300 से 310 रुपये
सिंदूरी 300 से 350 रुपये
एस-1 200 से 210 रुपये
आलू पर ही निर्भर हैं किसान
जिले के किसानों की मुख्य फसल आलू है। यदि आलू महंगा बिका तो किसान खुश, यदि भाव गिरे तो किसान कर्जदार हो जाते हैं। इसकी मुख्य वजह जिले के अधिकतर किसान अपने खेत में आलू बोते हैं। महंगा होने पर किसानों को पूरे वर्ष किसी तरह की दिक्कत नहीं होती है।

एक एकड़ में यह आती लागत
डीएपी 6000 रुपये
यूरिया 3100 रुपये
जुताई 7500 रुपये
आलू बुवाई 1000 रुपये
सिंचाई 9000 रुपये
दवा 3000 रुपये
खोदाई 7000 रुपये
खाली पैके ट 5000 रुपये
योग 41600 रुपये
आलू पैदा 200 पैकेट
जिला उद्यान अधिकारी मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि किसान अभी नहीं चेते तो उनको बाद में दिक्कत हो सकती है। भाव भले गिरे हैं पर अभी बेचने में उनकी लागत निकल आएगी। इसी तरह कोल्ड स्टोरेज में आलू भरा रहा तो फेंकने की नौबत आ सकती है। जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज पूरे भरे हैं। निकासी की गति बहुत धीमी है। चालीस फीसदी अब तक निकासी हो जानी चाहिए थी, लेकिन केवल 15 फीसदी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed