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मेडिकल कॉलेज पहुंचे डीजीएमई, जांची व्यवस्थाएं
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sat, 02 May 2015 11:16 PM IST
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बीमार पड़े मेडिकल कालेज की हालत में सुधार करने की कोशिश तीसरे दिन भी दिखाई दी। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शनिवार को प्रदेश के महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. बीएन त्रिपाठी ने मेडिकल कालेज का निरीक्षण किया। उनके आने की जानकारी पहले ही मिल जाने के कारण विभागीय स्टाफ चुस्त दिखाई दिया।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल को अमर उजाला में छपी खबर व्हाट्सएप के जरिए सीएम अखिलेश यादव तक पहुंची थी। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े आला अफसरों की जमकर खबर ली। शनिवार सुबह दस बजे के करीब डीजीएमई मेडिकल कालेज पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी जूनियर व सीनियर डाक्टर अपने केबिन में मरीजों का इलाज करते नजर आए।
इसके बाद वह प्रभारी सीएमएस डा. दिलीप सिंह, सर्जन डा. आईए अंसारी के साथ मेडिसिन, गाइनी, सर्जरी, आर्थो, ईएनटी, बाल रोग, दंतरोग के वार्डों में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से मिले। यहां उन्होंने हर मरीज के बेड पर जाकर उनकी वीएसटी चेक की। दवाइयों का निरीक्षण किया। तीमारदारों से पूछा कि डाक्टर व नर्स वार्डों में रोज ड्यूटी पर आते हैं या नहीं।
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उपचार के नाम पर किसी ने रुपये तो नहीं मांगे। डाक्टर बाहर की दवाइयों तो नहीं लिख रहे हैं। बेड की चादरें भी बदली व साफ-सुथरी नजर आईं। गाइनी वार्ड में दो मरीजों की चादर पुरानी दिखने पर उन्हें बदलने का निर्देश दिया। इस दौरान कई मरीजों का चेकअप कर उन्हें दवाएं भी दीं।
निरीक्षण के बाद डीजीएमई ने प्राचार्य कक्ष में ड्यूटी पर तैनात सभी डाक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कालेज आने वाले मरीजों के साथ डाक्टर अच्छा व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज का हाल सीधे सीएम तक पहुंचता है। पिछले दिनों कन्नौज, कानपुर, और लखनऊ मेडिकल कालेज के डाक्टरों की लापरवाही की शिकायतें सीएम तक पहुंची हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई है। व्यवस्थाएं सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं।
...और खाली हो गया प्राचार्य आवास
दो मई को अमर उजाला में खबर छपने के बाद आनन-फानन प्राचार्य आवास भी खाली हो गया। शनिवार को डा. बीएन त्रिपाठी ने अपना सामान बाहर निकाल लिया और इंचार्ज डा. आईए अंसारी को आवास की चाभियां सौंप दीं। गौरतलब है ढाई माह पहले तत्कालीन प्राचार्य वीएन त्रिपाठी का प्रमोशन डीजीएमई पद पर हो गया था, लेकिन उन्होंने सरकारी आवास पर कब्जा कायम रखा। डा. त्रिपाठी ने सफाई दी कि आवास में सिर्फ उनका एसी और गैस सिलेंडर ही रखा था।
सीएम ने दिए थे निरीक्षण के निर्देश
डीजीएमई ने अमर उजाला से वार्ता के दौरान स्वीकारा कि सीएम ने उन्हें मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। अमर उजाला में 30 अप्रैल को छपी खबर के बाद ही उन्हें मौखिक निर्देश मिला। लेकिन सहारनपुर मेडिकल कालेज में एमसीआई का निरीक्षण होने के कारण वह तुरंत नहीं आ सके।
सीएम ने उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि मेडिकल कालेज में नई पोस्टिंग उन्हीं डाक्टरों की हो जो कैंपस में 24 घंटे निवास करें। इसी निर्देश के तहत उन्होंने छह वरिष्ठ चिकित्सकों की तैनाती की है। सर्जरी व गाइनी विभाग में एक-एक, आर्थो व बाल रोग में दो-दो डाक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है। ये सभी सोमवार को कार्यभार संभालेंगे।
इमरजेंसी सेवा में सीनियर डाक्टर भी लगेंगे
इमरजेेंसी सेवा को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे शिफ्टों में जूनियर डाक्टरों की टीम के साथ सर्जरी, बालरोग व आर्थो विभाग का एक-एक वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद रहेगा। हादसों में घायल होकर आने वाले गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में ही तत्काल उपचार मिलेगा। जरूरत पड़ने पर उनके आपरेशन भी किए जाएंगे। गंभीर हालत में ही मरीजों को रेफर किया जाएगा। रेफर करने की संस्तुति इमरजेंसी के ईएमओ करेंगे।
यहां करें शिकायत
डीजीएमई ने कहा कि मेडिकल कालेज में इलाज न हो, सुविधाशुल्क मांगा जाए या मरीज को जबरन रेफर करने की समस्या हो। इस पर लोग उनके मोबाइल नंबर 9415050777 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्या का तत्काल निदान कराया जाएगा।
इस माह हो जाएगी प्राचार्य की नियुक्ति
डीजीएमई ने बताया कि कार्यवाहक प्राचार्य किरन पांडेय कन्नौज मेडिकल कालेज में रहने की इच्छुक नहीं हैं। इसीलिए उन्हें वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए। शासन स्तर पर यहां के लिए नए प्राचार्य की तलाश का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि यहां अच्छे प्राचार्य की तैनाती हो। कुछ नामों पर विचार भी चल रहा है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही मई माह के अंदर प्राचार्य की नियुक्ति हो जाएगी। शासन से सीधी तैनाती होने पर नए प्राचार्य को तत्काल वित्तीय अधिकार मिलेंगे।
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गौरतलब है कि 30 अप्रैल को अमर उजाला में छपी खबर व्हाट्सएप के जरिए सीएम अखिलेश यादव तक पहुंची थी। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग से जुड़े आला अफसरों की जमकर खबर ली। शनिवार सुबह दस बजे के करीब डीजीएमई मेडिकल कालेज पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी जूनियर व सीनियर डाक्टर अपने केबिन में मरीजों का इलाज करते नजर आए।
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इसके बाद वह प्रभारी सीएमएस डा. दिलीप सिंह, सर्जन डा. आईए अंसारी के साथ मेडिसिन, गाइनी, सर्जरी, आर्थो, ईएनटी, बाल रोग, दंतरोग के वार्डों में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से मिले। यहां उन्होंने हर मरीज के बेड पर जाकर उनकी वीएसटी चेक की। दवाइयों का निरीक्षण किया। तीमारदारों से पूछा कि डाक्टर व नर्स वार्डों में रोज ड्यूटी पर आते हैं या नहीं।
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उपचार के नाम पर किसी ने रुपये तो नहीं मांगे। डाक्टर बाहर की दवाइयों तो नहीं लिख रहे हैं। बेड की चादरें भी बदली व साफ-सुथरी नजर आईं। गाइनी वार्ड में दो मरीजों की चादर पुरानी दिखने पर उन्हें बदलने का निर्देश दिया। इस दौरान कई मरीजों का चेकअप कर उन्हें दवाएं भी दीं।
निरीक्षण के बाद डीजीएमई ने प्राचार्य कक्ष में ड्यूटी पर तैनात सभी डाक्टरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि मेडिकल कालेज आने वाले मरीजों के साथ डाक्टर अच्छा व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज का हाल सीधे सीएम तक पहुंचता है। पिछले दिनों कन्नौज, कानपुर, और लखनऊ मेडिकल कालेज के डाक्टरों की लापरवाही की शिकायतें सीएम तक पहुंची हैं। इस पर उन्होंने नाराजगी भी जताई है। व्यवस्थाएं सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं।
...और खाली हो गया प्राचार्य आवास
दो मई को अमर उजाला में खबर छपने के बाद आनन-फानन प्राचार्य आवास भी खाली हो गया। शनिवार को डा. बीएन त्रिपाठी ने अपना सामान बाहर निकाल लिया और इंचार्ज डा. आईए अंसारी को आवास की चाभियां सौंप दीं। गौरतलब है ढाई माह पहले तत्कालीन प्राचार्य वीएन त्रिपाठी का प्रमोशन डीजीएमई पद पर हो गया था, लेकिन उन्होंने सरकारी आवास पर कब्जा कायम रखा। डा. त्रिपाठी ने सफाई दी कि आवास में सिर्फ उनका एसी और गैस सिलेंडर ही रखा था।
सीएम ने दिए थे निरीक्षण के निर्देश
डीजीएमई ने अमर उजाला से वार्ता के दौरान स्वीकारा कि सीएम ने उन्हें मेडिकल कालेज का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। अमर उजाला में 30 अप्रैल को छपी खबर के बाद ही उन्हें मौखिक निर्देश मिला। लेकिन सहारनपुर मेडिकल कालेज में एमसीआई का निरीक्षण होने के कारण वह तुरंत नहीं आ सके।
सीएम ने उन्हें यह भी निर्देश दिया है कि मेडिकल कालेज में नई पोस्टिंग उन्हीं डाक्टरों की हो जो कैंपस में 24 घंटे निवास करें। इसी निर्देश के तहत उन्होंने छह वरिष्ठ चिकित्सकों की तैनाती की है। सर्जरी व गाइनी विभाग में एक-एक, आर्थो व बाल रोग में दो-दो डाक्टरों की नियुक्ति कर दी गई है। ये सभी सोमवार को कार्यभार संभालेंगे।
इमरजेंसी सेवा में सीनियर डाक्टर भी लगेंगे
इमरजेेंसी सेवा को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे शिफ्टों में जूनियर डाक्टरों की टीम के साथ सर्जरी, बालरोग व आर्थो विभाग का एक-एक वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद रहेगा। हादसों में घायल होकर आने वाले गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में ही तत्काल उपचार मिलेगा। जरूरत पड़ने पर उनके आपरेशन भी किए जाएंगे। गंभीर हालत में ही मरीजों को रेफर किया जाएगा। रेफर करने की संस्तुति इमरजेंसी के ईएमओ करेंगे।
यहां करें शिकायत
डीजीएमई ने कहा कि मेडिकल कालेज में इलाज न हो, सुविधाशुल्क मांगा जाए या मरीज को जबरन रेफर करने की समस्या हो। इस पर लोग उनके मोबाइल नंबर 9415050777 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्या का तत्काल निदान कराया जाएगा।
इस माह हो जाएगी प्राचार्य की नियुक्ति
डीजीएमई ने बताया कि कार्यवाहक प्राचार्य किरन पांडेय कन्नौज मेडिकल कालेज में रहने की इच्छुक नहीं हैं। इसीलिए उन्हें वित्तीय अधिकार नहीं दिए गए। शासन स्तर पर यहां के लिए नए प्राचार्य की तलाश का काम चल रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा है कि यहां अच्छे प्राचार्य की तैनाती हो। कुछ नामों पर विचार भी चल रहा है। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलते ही मई माह के अंदर प्राचार्य की नियुक्ति हो जाएगी। शासन से सीधी तैनाती होने पर नए प्राचार्य को तत्काल वित्तीय अधिकार मिलेंगे।