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Kannauj News: आंगनबाड़ी भर्ती में लेटलतीफी, 125 पदों के लिए 4045 आवेदन
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कन्नौज। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया कछुआ चाल से चल रही है। विभाग में 125 रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके सापेक्ष 4045 आवेदन आए हैं। एक-एक पद पर 32-32 दावेदार हैं।
विभाग दावा कर रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है पर हकीकत में आवेदनों की जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। अभ्यर्थियों के शैक्षणिक व अन्य अभिलेखों के सत्यापन का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। महीनों से अभ्यर्थी ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सूत्रों की मानें तो कई आवेदनों में अपूर्ण दस्तावेज और गलत जानकारी मिली है, जिससे सत्यापन में और देरी हो रही है।
विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ न होने से एक-एक फाइल को कई-कई दिन तक देखा तक नहीं जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में इस भर्ती को लेकर भारी उत्साह था, लेकिन विभागीय सुस्ती से उनका मोह भंग हो रहा है। कई पात्र अभ्यर्थियों को आशंका है कि सत्यापन में गड़बड़ी और भाई-भतीजावाद हावी हो सकता है।
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उधर, आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं की कमी से पोषण वितरण, टीकाकरण और बच्चों की देखभाल जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और तय समय सीमा में मेरिट सूची जारी की जाए, ताकि योग्य महिलाओं को रोजगार मिल सके।
इस संबंध में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से चल रही है। उन्होंने बताया कि 125 पदों के सापेक्ष 4045 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदनों के शैक्षणिक व अन्य अभिलेखों का बारीकी से सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि कोई अपात्र चयनित न हो सके। सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है। सत्यापन पूरा होते ही मेरिट सूची तैयार कर नियमानुसार जारी कर दी जाएगी।
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विभाग दावा कर रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है पर हकीकत में आवेदनों की जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। अभ्यर्थियों के शैक्षणिक व अन्य अभिलेखों के सत्यापन का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। महीनों से अभ्यर्थी ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सूत्रों की मानें तो कई आवेदनों में अपूर्ण दस्तावेज और गलत जानकारी मिली है, जिससे सत्यापन में और देरी हो रही है।
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विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ न होने से एक-एक फाइल को कई-कई दिन तक देखा तक नहीं जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में इस भर्ती को लेकर भारी उत्साह था, लेकिन विभागीय सुस्ती से उनका मोह भंग हो रहा है। कई पात्र अभ्यर्थियों को आशंका है कि सत्यापन में गड़बड़ी और भाई-भतीजावाद हावी हो सकता है।
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उधर, आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ताओं की कमी से पोषण वितरण, टीकाकरण और बच्चों की देखभाल जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और तय समय सीमा में मेरिट सूची जारी की जाए, ताकि योग्य महिलाओं को रोजगार मिल सके।
इस संबंध में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से चल रही है। उन्होंने बताया कि 125 पदों के सापेक्ष 4045 आवेदन प्राप्त हुए हैं। सभी आवेदनों के शैक्षणिक व अन्य अभिलेखों का बारीकी से सत्यापन कराया जा रहा है, ताकि कोई अपात्र चयनित न हो सके। सत्यापन का कार्य अंतिम चरण में है। सत्यापन पूरा होते ही मेरिट सूची तैयार कर नियमानुसार जारी कर दी जाएगी।