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जाम का दर्द देते डग्गामार वाहन, अफसर बने अनजान
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जीटी रोड स्थित फुटपाथ पर खड़े वाहन।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। शहर से लेकर कस्बों में डग्गामार वाहन जाम की वजह बन रहे हैं। चालक मनमानी जगह वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर सवारियां भरने लगते हैं। ऐसे में छोटे-बड़े वाहनों को खड़ा होना पड़ता है। इससे जाम लग जाता है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी। इसका खामियाजा शहर व कस्बों में रहने वाले भुगत रहे हैं। इस समस्या से अफसर बेपरवाह हैं।
जिला मुख्यालय से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। डग्गामार वाहनों में टेंपो-टैक्सी, मैजिक, ई-रिक्शा, जीप व मिनी बस शामिल हैं। इन छोटे-बड़े वाहनों की संख्या 184 के करीब है। यह कन्नौज से अरौल, ठठिया, गुरसहायगंज, छिबरामऊ, तिर्वा, हरदोई तक चलते हैं। इनके खड़े होने की जगह निर्धारित नहीं है। वाहन चालक इन्हें मनचाही जगह खड़ा कर सवारियां भरने लगते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है।
सबसे ज्यादा दिक्कत नेशनल हाईवे पर रहती है। यहां से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। इन वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने कई दफा अभियान चलाया। यह फौरी रहा। ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे समस्या बरकरार है। शहर से लेकर कस्बों में पल-पल जाम की नौबत रहती है। लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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स्टैंड निर्धारित न होने से होती है दिक्कत
कन्नौज से लेकर गुरसहायगंज, छिबरामऊ व तिर्वा में डग्गामार वाहनों के लिए स्टैंड निर्धारित नहीं है। चालक सवारियों को भरने के लिए वाहनों को जहां-तहां खड़ा कर देते हैं। यह भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में सवारियां भरने के लिए वाहन रोक देते हैं। इससे जाम की समस्या आम हो गई है।
जगह-जगह रोकते हैं वाहन
डग्गामार टेंपो-टैक्सी, मैजिक व मिनी बसों के चालक थोड़े रुपयों के लालच में सवारियों को बाहर तक लटका लेते हैं। इन सवारियों को उतारने व चढ़ाने के चक्कर में वाहन को बार-बार सड़क पर रोकना पड़ता है। कभी-कभार अचानक ब्रेक मारनी पड़ जाती है। ऐसे में डग्गामार वाहन से हादसा होने की आशंकाएं भी ज्यादा रहती हैं। ऐसे में कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी डग्गामार वाहनों के चालक मनमानी करने पर उतारू हैं।
ट्रेन आने के समय होती मारामारी
डग्गामार वाहन चालकों को ट्रेन के आने-जाने के समय की मालुमात रहती है। यह ट्रेन का समय होते ही रेलवे स्टेशन या अन्य रास्तों से स्टेशन के करीब पहुंच जाते हैं। सवारियों को भरने के चक्कर में वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम लग जाता है।
सवारी बैठाने को लेकर होती खींचतान
सवारियों को टेंपो-टैक्सी में पहले बिठाने को लेकर चालकों में खींचतान होती है। तिर्वा रोड स्थित क्रासिंग पर खासी भीड़ रहती है। यहां के चालक सवारी अपने वाहन में बैठाने के लिए परेशान करते हैं। यह महिलाओं व युवतियों से अभद्रता भी कर देते हैं। इसकी जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की गई। समस्या जस की तस है।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जुर्माना वसूलने से लेकर वाहन सीज करने तक की कार्रवाई की जा चुकी है। जल्द ही पुलिस के सहयोग से डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय झा, उप संभागीय परिवहन अधिकारी।
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जिला मुख्यालय से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। डग्गामार वाहनों में टेंपो-टैक्सी, मैजिक, ई-रिक्शा, जीप व मिनी बस शामिल हैं। इन छोटे-बड़े वाहनों की संख्या 184 के करीब है। यह कन्नौज से अरौल, ठठिया, गुरसहायगंज, छिबरामऊ, तिर्वा, हरदोई तक चलते हैं। इनके खड़े होने की जगह निर्धारित नहीं है। वाहन चालक इन्हें मनचाही जगह खड़ा कर सवारियां भरने लगते हैं। इससे जाम की स्थिति बन जाती है।
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सबसे ज्यादा दिक्कत नेशनल हाईवे पर रहती है। यहां से हर जगह के लिए डग्गामार वाहन चलते हैं। इन वाहनों पर नियंत्रण करने के लिए प्रशासनिक अफसरों ने कई दफा अभियान चलाया। यह फौरी रहा। ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे समस्या बरकरार है। शहर से लेकर कस्बों में पल-पल जाम की नौबत रहती है। लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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स्टैंड निर्धारित न होने से होती है दिक्कत
कन्नौज से लेकर गुरसहायगंज, छिबरामऊ व तिर्वा में डग्गामार वाहनों के लिए स्टैंड निर्धारित नहीं है। चालक सवारियों को भरने के लिए वाहनों को जहां-तहां खड़ा कर देते हैं। यह भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में सवारियां भरने के लिए वाहन रोक देते हैं। इससे जाम की समस्या आम हो गई है।
जगह-जगह रोकते हैं वाहन
डग्गामार टेंपो-टैक्सी, मैजिक व मिनी बसों के चालक थोड़े रुपयों के लालच में सवारियों को बाहर तक लटका लेते हैं। इन सवारियों को उतारने व चढ़ाने के चक्कर में वाहन को बार-बार सड़क पर रोकना पड़ता है। कभी-कभार अचानक ब्रेक मारनी पड़ जाती है। ऐसे में डग्गामार वाहन से हादसा होने की आशंकाएं भी ज्यादा रहती हैं। ऐसे में कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी डग्गामार वाहनों के चालक मनमानी करने पर उतारू हैं।
ट्रेन आने के समय होती मारामारी
डग्गामार वाहन चालकों को ट्रेन के आने-जाने के समय की मालुमात रहती है। यह ट्रेन का समय होते ही रेलवे स्टेशन या अन्य रास्तों से स्टेशन के करीब पहुंच जाते हैं। सवारियों को भरने के चक्कर में वाहनों को आड़ा-तिरछा खड़ा कर देते हैं। इससे जाम लग जाता है।
सवारी बैठाने को लेकर होती खींचतान
सवारियों को टेंपो-टैक्सी में पहले बिठाने को लेकर चालकों में खींचतान होती है। तिर्वा रोड स्थित क्रासिंग पर खासी भीड़ रहती है। यहां के चालक सवारी अपने वाहन में बैठाने के लिए परेशान करते हैं। यह महिलाओं व युवतियों से अभद्रता भी कर देते हैं। इसकी जिला प्रशासन से कई बार शिकायत की गई। समस्या जस की तस है।
डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जुर्माना वसूलने से लेकर वाहन सीज करने तक की कार्रवाई की जा चुकी है। जल्द ही पुलिस के सहयोग से डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय झा, उप संभागीय परिवहन अधिकारी।